
35 वार्ड और 6 जोन ऑफिसर समेत निगम में 86 पदों पर कम योग्यता के कर्मचारी संभाल रहे जिम्मेदारी
भोपाल. हाईकोर्ट द्वारा जोन क्रमांक 5 सहायक स्वास्थ्य अधिकारी के पद पर कम योग्यता वाले व्यक्ति को प्रभार देने के मामले में दिए गए स्थगन ने पूरे नगर निगम की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नगर निगम में पद के अनुसार जिम्मेदारी की स्थिति देखें तो यहां 85 वार्ड प्रभारियों में से 35 उस पद की योग्यता नहीं रखते हैं। इसके साथ ही 19 जोन प्रभारियों में से छह ऐसे हैं, जिन्हें योग्यता के बिना पद दिया गया है। इसी तरह 8 सहायक स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ ही कुल 86 पदों पर कम योग्यता वालों को जिम्मेदारियां दी गई है। इससे समझ सकते हैं कि निगम का सिस्टम सही परिणाम क्यों नहीं दे पाता है। सबसे अधिक दिक्कत तुरंत निर्णय लेने में आता है। कम योग्यता वाले पद के प्रभारी यह काम ठीक से नहीं कर पाते। ऐसे में आम आदमी को जल्द राहत नहीं मिल पा रही है।
ये है योग्यता
जोन प्रभारी यूडीसी स्तर का होना चाहिए। निगम परिषद में प्रस्ताव पारित करके इस पद के लिए नायब तहसीलदार स्तर के अधिकारी को नियुक्त करने की मांग शासन से तत्कालीन महापौर आलोक शर्मा ने की थी। इसी तरह वार्ड प्रभारी के पद पर एलडीसी या राजस्व निरीक्षक को नियुक्त करना चाहिए। स्वास्थ्य अधिकारी और सहायक स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए सीनियर सेनेटरी इंस्पेक्टर के साथी अन्य डिग्री डिप्लोमा जरूरी है। इसी तरह अन्य पदों के लिए भी संबंधित विधा का डिग्री डिप्लोमा अनिवार्य है।
प्रभार पर पानी
शहर में जलापूर्ति व्यवस्था की ही बात करें तो यहां पर संविदा आधार पर इंजीनियर को प्रभारी चीफ इंजीनियर बना कर काम कराया जा रहा है। एआर पंवार के पास ये जिम्मेदारी है। इतना ही नहीं केंद्र सरकार की सबसे बड़ी योजना हाउस फॉर ऑल का जिम्मा भी पानी के इंजीनियर एआर पंवार के पास ही है।
प्रतिनियुक्ति पर जिम्मेदारियां
नगर निगम में फैसले लेने वालों में 70 फ ीसदी प्रतिनियुक्ति पर आए अफसर इंजीनियर हैं। पीएचई से लेकर बीडीए और नगरीय प्रशासन से आए अफसर यहां पर जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। ऐसे में भोपाल नगर निगम में ही नियुक्त हुए इंजीनियर और अन्य अधिकारी सक्षम होने के बावजूद बिना काम के बैठे हुए हैं।
नगरीय प्रशासन का आदेश भी नहीं माना
नगरीय प्रशासन में तत्कालीन सचिव मनीष सिंह ने आदेश जारी करके भोपाल नगर निगम में योग्यता के अनुसार ही पद देने के निर्देश दिए थे। इसमें उन्होंने स्पष्ट किया था कि सहायक स्वास्थ्य अधिकारियों, वार्ड प्रभारियों, जोन प्रभारी के साथ ही अन्य जिम्मेदारियों में कम योग्यता के लोगों को रखा गया है।
पार्किंग से लेकर पार्क तक 25 दिवसीय के भरोसे
पार्किंग से लेकर पार्क तक का जिम्मा 25 दिनी कर्मचारियों को दिया हुआ है। किसी तरह की विशेष योग्यता ना होने के बावजूद यह पूरा काम देख रहे हैं। होर्डिंग, आवारा पशुओं के मामले समेत सड़क निर्माण और भवन अनुज्ञा तक में पद योग्यता के मापदंड को अनदेखा किया गया है।
नगर निगम उपलब्ध संसाधनों और व्यक्तियों में बेहतर तालमेल बैठाकर काम करने की कोशिश कर रहा है। इसके बेहतर परिणाम भी हमारे सामने आ रहे हैं। शासन प्रशासन और न्यायालय के जिस तरह के आदेश होते हैं उसका पूरा पालन किया जाता है।
- केवीएस चौधरी, निगम आयुक्त
Published on:
20 Jan 2022 07:01 am
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