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राष्ट्रीय बाल-रंग उत्सव में भोपाल आएंगे 20 राज्यों और 4 केन्द्रशासित प्रदेशों के बच्चे

स्कूल शिक्षा विभाग ने शुरू की तैयारियां

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स्कूल शिक्षा विभाग और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय के संयुक्त तत्वावधान में भोपाल में 19 से 21 दिसंबर तक राष्ट्रीय बाल-रंग उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। उत्सव में पहले दिन सांस्कृतिक, साहित्यिक, मदरसा, संस्कृत एवं योग की राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं होंगी। दूसरे दिन 20 दिसंबर को राष्ट्रीय लोक-नृत्य होगा। इसमें 20 राज्यों एवं 4 केन्द्र शासित प्रदेशों के बच्चे भाग लेंगे।

बाल-रंग उत्सव में आयोजित प्रतियोगिता में प्रथम पांच स्थान प्राप्त करने वाले दलों को समापन समारोह में दोबारा प्रदर्शन करने का अवसर दिया जाएगा। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाने वाले दल को 31 हजार, द्वितीय स्थान प्राप्त दल को 21 हजार तथा तृतीय स्थान प्राप्त दल को 11 हजार रूपये का पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त 5 हजार रूपये सांत्वना पुरस्कार भी दिया जायेगा। बाल-उत्सव में तीनों दिन लघु भारत तथा समर्थ भारत प्रदर्शनी में भारत की लोक कला, संस्कृति और परम्पराओं के साथ देश की उपलब्धियों की जानकारी दी जायेगी। साथ ही, स्काउट कैम्प और क्रिएटिव क्राफ्ट प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जाएगा।

मिलेगा बच्चों द्वारा बनाए गए व्यंजनों का स्वाद
बाल-रंग उत्सव में स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ लेने के लिये फूड जोन बनाया जायेगा। इसमें लगभग 25 स्टॉल लगाये जायेंगे। फूड जोन में भोपाल शहर के विभिन्न विद्यालयों के बच्चों द्वारा बनाये गये व्यंजनों का स्वाद मिलेगा।

उत्सव में बच्चों की सुरक्षा, चिकित्सा और रहने-खाने की व्यवस्था रहेगी। प्रतिभागी बच्चों को भोपाल के आसपास के पर्यटन स्थलों का भ्रमण भी कराया जायेगा।

आज शाहजहांनी पार्क पहुंचेगी अतिथि विद्वानों की भविष्य सुरक्षा यात्रा

- नियमितिकरण की मांग को लेकर प्रदेश भर के अतिथि विद्वानों का तीन दिवसीय धरना आज से

भोपाल। प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में पिछले दो दशकों से अध्यापन कार्य करने वाले अतिथि विद्वान कांग्रेस सरकार की वादाखिलाफी से आंदोलित हो उठे हैं। सरकार से नियमितीकरण के वादे को पूरा करवाने के लिए अड़े अतिथि विद्वान अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए भविष्य सुरक्षा यात्रा निकाल रहे हैं। अतिथि विद्वान नियमितीकरण संघर्ष मोर्चा के संयोजकद्वय डॉ देवराज सिंह बताया कि हममें से अधिकतर साथी यूजीसी की निर्धारित योग्यता पूर्ण करते हुए पिछले कई वर्षों से अध्यापनरत है। सरकार ने हमें नियमितीकरण का वचन दिया था। किंतु अब हमें नौकरी तो दूर बची हुई दिहाड़ी नौकरी भी छीन लेने का षड्यंत्र कर रही है। अब तक सहायक प्राध्यापक परीक्षा के लगभग 850 तथाकथित चयनितों को नियुक्ति पत्र जारी किए जा चुके है। जिससे लगभग इतने ही अतिथि विद्वान साथी सेवा से बाहर हो चुके हैं। इससे अतिथि विद्वानों में सरकार के प्रति भारी आक्रोश और असंतोष व्याप्त है। अतिथि विद्वान नियमितीकरण संघर्ष मोर्चा के प्रांतीय प्रवक्ता डॉ मंसूर अली ने बताया कि अभी यह यात्रा मिसरोद में है। मंगलवार सुबह 9 बजे शाहजहांनी पार्क पहुंचेंगे। यहां पूरे प्रदेश से आए अतिथि विद्वान 10 से 13 दिसम्बर तक धरना देंगे।