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जब अदालत में सालों बाद साथ बैठे तो फिर थाम लिया जीवन साथी का हाथ

दिनभर चला समझाइश का दौर, जजों ने पक्षकारों के बीच बैठकर कराए समझौते, नेशनल लोक अदालत में निपटे 1722 मुकदमें...

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भोपाल. जिला अदालत में शनिवार को आयोजित नेशनल लोक अदालत में दिन भर पक्षकारों के बीच समझाइश का दौर चला। जजों ने कोर्ट रूम में पक्षकारों के बीच बैठकर मुकदमों के गुण-दोषों के बारे में बताया। सालों से लंबित मुकदमों में पेशी कर रहे पक्षकार न्यायाधीशों की समझाइश के बाद राजीनामें को तैयार हुए।

नेशनल लोक अदालत के लिए जिला अदालत में 62 खंडपीठ बनाई गई थीं। सभी खंडपीठों में यही नजारा था। लोक अदालत में आपसी सहमति से 1722 मुुकदमों का निराकरण हुआ। इनमें 22 करोड़ 6 लाख के समझौते हुए। जज की समझाइश से 39 जोड़े साथ रहने को हुए राजी, एक तलाक- पारविारिक न्यायालय में सबसे अधिक 39 ुकदमों में राजीनामे हुए।

न्यायाधीश भावना साधों ने मामूली विवाद में बरसों से अलग-अलग रह रहे पति-पत्नी को साथ बैठाकर समझाइश दी। वहीं एक मामले में जज की समझाइश से तलाक हुआ। पारिवारिक न्यायालय की ज्यूरी मेंबर सरिता राजानी ने बताया कि खंडवा में टीचर मुकेश कुमार का विवाह वषर््ा 2013 में भोपाल निवासी बैंककर्मी श्वेता के साथ हुआ था। दोनों करीब 3 साल से अलग रह रहे थे। पति ने वैवाहिक संबंधों की पुर्नस्थापना के लिए अदालत में मुकदमा लगाया था।

वकील रवि कोसे के साथ मुकेश कुमार शनिवार को अदालत पहुंचा। ३ स्तर की काउंसलिंग के बाद दोनों पति-पत् नी एक साथ रहने को तैयार हुए।

एक करोड़ के चेक के मामले में हुआ समझौता

चेक बाउंस के लिए गठित विशेष अदालत के न्यायाधीश अनीस खान की अदालत में १ करोड़ रूपये के चेक बाउंस के मामले में समझौता हुआ। इसके अलावा 56 लाख रूपये के 3 अलग-अलग मामलों में भी पक्षकारों की आपसी सहमति से समझौते हुए। बावडिय़ाकलां निवासी निकुंज बाधानी ने कोतवाली निवासी रवि वाधवानी को भैंसाखेड़ी स्थित जमीन बेची थी।

विक्रय अनुंबंध के दौरान रवि वाधवानी ने 2 करोड़ का चेक दिया था, जो बाउंस हो गया था। वकील हरीश मेहता ने बताया कि इस मामले में दोनों पक्षकार के बीच 2 करोड़ 10 लाख रूपये मेंं समझौता हुआ। वहीं एक अन्य मामले में कोतवाली निवासी बाबूलाल अग्रवाल ने मेसर्स सुपर बिल्डर्स को करीब 15 हजार स्क्वायर फीट का प्लाट बेचा था। सुपर बिल्डर्स की ओर से 56-56 लाख रूपये के अलग-अलग चेक दिये गये थे, जो बाउंस हो गये थे। जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेन्द्र शुक्ला ने शनिवार को सड़क दुर्घटना में मृत निगमकर्मी बीजेन्द्र कलोसिया के परिजनों को 33 लाख का चेक दिया। परिजनों की ओर से मोटर दुर्घटना क्लेम का मुकदमा दायर किया गया था।

दुर्घटना कारित करने वाले वाहन की बीमा कंपनी न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी ने समझौते के तहत 33 लाख रूपये की क्षतिपूर्ति देने को राजी हुई।ऐसे ही 38 मुकदमों में समझाइश के बाद बरसों से अलग रह रहे पति-पत् नी एक साथ रहने को रजामंद हुए। वहीं एक मामले में पति के सेक्सुअल डिसीज से पीडि़त होने के चलते पत्नी ने अदालत में तलाक का मुकदमा लगाया था। पति के पीडि़त होने की बात प्रमाणित होने के बाद जज ने दोनों को साथ बैठाकर समझाइश दी। पति तलाक के लिए राजी हो गया।

नगर निगम के 19 जोन में कार्रवाई

नेशनल लोक अदालत में नगर निगम के 19 जोन और 85 वार्ड कार्यालयों में शनिवार को 5640 प्रकरणों पर सुनवाई हुई। लंबित प्रकरणों का निपटारा होने के बाद निगम के खाते में शाम तक 7 करोड़ रुपए का बकाया संपत्ति और जलकर जमा हुआ। हालांकि, नेशनल लोक अदालत में मिल रही छूट का फायदा उठाने के लिए कोई भी बड़ा सरकारी महकमा सामने नहीं आया।

रेलवे, एमपीईबी, भोपाल विकास प्राधिकरण सहित अनेक विभाग जिन्हें नगर निगम ने प्रकरण में समझौता करने के नोटिस भेजे थे, वहां से किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं हुई। उपायुक्त राजस्व अर्चना शर्मा ने बताया कि सोमवार से बड़े बकायादारों पर दोबारा बकाया टैक्स वसूली की कार्रवाई की जाएगी।

शनिवार को नेशनल लोक अदालत में सम्पत्तिकर के ऐसे प्रकरण जिनमें कर एवं अधिभार 50 हजार रुपए बकाया था उन्हें मात्र अधिभार में 100 प्रतिशत की छूट मिली। 50 हजार से अधिक एवं एक लाख रुपए तक बकाया राशि पर केवल अधिभार में 50 प्रतिशत एवं एक लाख रुपए से ज्यादा बकाया होने पर अधिभार में 25 प्रतिशत की छूट प्रदान की गई।