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BHOPAL : साल के अंत तक तैयार हो जाएगा नवग्रह मंदिर

मंदिर का हो रहा जीर्णोद्धार, बन रहा शिवलोक

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मंदिर का हो रहा जीर्णोद्धार, बन रहा शिवलोक

साल के अंत तक तैयार हो जाएगा नवग्रह मंदिर

भोपाल. नेहरू नगर स्थित प्राचीन नवग्रह मंदिर नए साल में नए स्वरूप में नजर आएगा। मंदिर का अभी जीर्णोद्धार किया जा रहा है। मंदिर की छत डाल दी गई है। शीघ्र ही फिनिशिंग का काम शुरू होगा। दिसंबर के आखिर तक यह मंदिर पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएगा। जनसहयोग से हो रहे इसका जीर्णोद्धार में करीब 50 लाख की लागत आ रही है। प्राचीन मंदिर का जीर्णोद्धार तकरीबन छह माह पहले शुरू किया गया था। करीब 80 फीसदी तक निर्माण पूरा हो गया है।
10 हजार वर्ग फीट में निर्माण
शहर का नवग्रह मंदिर 50 साल से अधिक पुराना है। इस मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। अब इस मंदिर को नया आकार दिया जा रहा है। मंदिर के पं. गजेंद्र शास्त्री ने बताया कि मंदिर का निर्माण तकरीबन 10 हजार वर्गफीट में हो रहा है। जिसकी लागत तकरीबन 50 लाख रुपए तक आएगी। जनसहयोग से इसका निर्माण कार्य किया जा रहा है। दिसंबर तक मंदिर को पूरी तरह तैयार कर लिया जाएगा।
शहर की सबसे बड़ी शनिदेव प्रतिमा
नेहरू नगर भदभदा रोड स्थित इस मंदिर प्रांगण में शनिदेव की 51 फीट ऊंची प्रतिमा विराजमान है। यह शहर की सबसे बड़ी शनिदेव की प्रतिमा है। इसके साथ ही यहां नवग्रह भी विराजमान हंै। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना करने के लिए पहुंचते हैं। शहर के प्राचीन मंदिरों में यह शुमार है। यहां 33 सालों से लगातार हर साल शनि जयंती महोत्सव का आयोजन होता है। इसी प्रकार मंदिर में साल में भी कई तरह के अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
12 ज्योतिर्लिंग भी होंगे
भोपाल में कैलाश मानसरोवर धाम में शिवलोक, विष्णुलोक व गौलोक के दर्शन होंगे। शिवलोक में देश की सबसे बड़ी 51 फीट की भगवान शिव की पाषाण प्रतिमा होगी। ये 150 टन वजनी है। मंदिर में 11 फीट का शिवलिंग भी बनाया है, इसके अंदर 1008 छोटे शिवलिंग विराजित होंगे। यहां भव्य कैलाश पर्वत भी बन रहा है इसमें 12 ज्योतिर्लिंग स्थापित होंगे। उनकी प्रतिमा 12 ज्योतिर्लिंग के स्वरूप की ही होंगी। यह बाहर से पहाड़ की तरह दिखाई देगा और अंदर गुफा की तरह होगी।

नंदी गेट बन रहा
शिवलोक में प्रवेश के लिए नंदी गेट 21 फीट ऊंचा, 25 फीट लंबा होगा। नंदी के नीचे से शिवलोक में प्रवेश होगा। गेट के दोनों तरफ नाग कन्या का निर्माण हो रहा है। नाग कन्या का जल नंदी के चरणों में एक नहर के रूप में विकसित हो रहा है। शिव लोक में 30330 फीट का कुंड रहेगा इसमें गौमुख से जल गिरता रहेगा व यहां महा मृत्युन्जय मन्त्र जाप होता रहेगा।