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इस इमारत में स्केटिंग करती थीं नवाब की बेटी, रोचक है इसकी HISTORY

24 वर्ष में यह इमारत बनकर तैयार हुई और खर्च बहुत होने के कारण इसमें भोपाल राज्य की सेना का मुख्यालय बना दिया गया।

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sanjana kumar

Jun 29, 2016

england king george 5th

england king george 5th

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की एक मुख्य पहचान ऐतिहासिक मिंटो हॉल एक समय में न केवल होटल लेक व्यू के रूप में पहचाना गया, बल्कि संगमरमर से बनी इसकी जमीन पर नवाब हमीदुल्लाह की बेटी स्केटिंग भी करती थीं... जानिए ऐसी ही रोचक बातें जानने के लिए जरूर पढ़ें ये खबर...

बन गया था होटल लेक व्यू
24 वर्ष में यह इमारत बनकर तैयार हुई और खर्च बहुत होने के कारण इस इमारत में भोपाल राज्य की सेना का मुख्यालय बना दिया गया और बाद में इसमें राज्य का वित्त विभाग भी बैठने लगा।


कालांतर में इसमें हुए खर्च को निकालने को लेकर एक समिति ने सुझाव दिया कि इसे होटल बना दिया जाए। कुछ साल तक यह होटल लेक व्यू के रूप में काम करता रहा।


ऐसे बना था स्कैटिंग मैदान
जब यह भवन होटल बना तो इसमें खास मेहमान ही आकर ठहरते थे। डॉ. माजिद हुसैन ने अपनी पुस्तक 'भोपाल का इतिहास' में लिखा कि यह होटल कुछ साल में ही विवादों से घिर गया। शिकायतों के बाद होटल बंद करवा दिया गया।

Abida sultan begham khan

नवाब साहब ने इसका फर्श तब संगमरमर का करवा दिया और नवाब हमीदुल्लाह खान की बेटी आबिदा बेगम इसे स्केटिंग मैदान के रूप में उपयोग करने लगीं। इससे भी इस भवन का दुरुपयोग नहीं रुका और यह युवक-युवतियों के मिलने-जुलने का स्थान बन गया। तंग आकर तब नवाब ने इसमें फिर से पुलिस मुख्यालय और हमीदिया कॉलेज में तब्दील कर दिया।

गवर्नर मिंटो की नाराजगी दूर करने किया निर्माण
मिन्टो हॉल का निर्माण सन् 1909 में उस समय किया गया, जब ब्रिटिश भारत के गवर्नर जनरल लार्ड मिन्टो अपनी पत्नी के साथ भोपाल आए थे। मिन्टो ने भोपाल में अपने रहने का उचित प्रबंध न पाकर कुछ नाराजगी जताई थी।

Minto hall

उसी समय नवाब सुल्तान जहां बेगम ने निर्णय लेेते हुए विशिष्ट अतिथियों को ठहराने के लिए एक भवन बनाने का निर्णय लिया।


इस भवन में दरबार हाल, स्वागत कक्ष आदि की व्यवस्था का प्रावधान किया गया। ऊपर तस्वीर में ब्रिटिश भारत के गवर्नर जनरल लार्ड मिन्टो और उनकी पत्नी के साथ नवाब सुल्तान जहां बेगम।


तत्काल निर्णय लेते हुए 12 नवम्बर 1909 को ही लार्ड मिन्टो के हाथों इसकी आधारशिला रखवा दी गई।

england king george 5th

इसका स्वरूप इंग्लैण्ड के राजा जार्ज पंचम के मुकुट की तरह रखा गया।

विधान परिषद बनना थी

जब मध्यप्रदेश की विधानसभा का गठन हो रहा था तब विधान परिषद बनना तय था। किन्तु घटनाक्रम कुछ ऐसा हुआ कि विधान परिषद नहीं बन पाई। राज्य पुनर्गठन के संबंध में जो विधेयक मध्यप्रदेश की विधानसभा में पेश किया गया, उसमें विधान परिषद का सुस्पष्ट प्रावधान था।

Minto hall

द्वारका प्रसाद मिश्र ने उन्हीं दिनों साप्ताहिक सारथी में एक अग्रलेख लिखा। इस लेख में उन्होंने बताया कि नये मध्यप्रदेश में विधानसभा के साथ एक विधान परिषद भी होगी यानी मध्यप्रदेश में दो सदन होगें। विधान परिषद के सदन में 72 सदस्य होंगे, जो इस प्रकार चुने जाएंगें।

Minto hall

24 सदस्य विधानसभा द्वारा निर्वाचित, 24 स्थानीय संस्थाओं द्वारा निर्वाचित, 12 राज्यपाल द्वारा नामजद, 6 ग्रेज्एटों द्वारा निर्वाचित, 6 शिक्षकों द्वारा निर्वाचित। आज भी नये विधानसभा भवन में विधान परिषद का स्थान नियत है।

2017 तक हो जाएगा जीर्णोद्धार

प्रदेश की ऐतिहासिक पहचान मिंटो हॉल अपने मूल स्वरूप को बरकरार रखते हुए आधुनिकता के रंग में ढल जाएगा। इसके जीर्णोद्धार का कार्य आज से शुरू होने जा रहा है। आधुनिकता से लेस होगा कन्वेंशन सेंटर मिंटो हॉल के ऐतिहासिक स्वरूप को बरकरार रखते हुए यहाँ लगभग 500 लोगों की बैठक क्षमता वाला अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर बनाया जाएगा। आपको बता दें मिन्टो हॉल का नाम विधानसभा भवन उस वक्त पड़ा जब यहां विधानसभा लगना शुरू हुई।

32 करोड़ की लागत से होगा जीर्णोद्धार

मिंटो हॉल के जिर्णोद्धार के लिए करीब 32 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत तय है। इसे संवारने के लिए मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम इसकी नोडल एजेंसी होगा।

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