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उत्कृष्ट विद्यालय का कारनामा: छात्राएं परीक्षा पत्रक में पास, लेकिन अंकसूची में फेल

लापरवाही ( Negligence at Excellent school ) के कारण छात्राओं को सता रही अपने भविष्य की चिंता...

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उत्कृष्ट विद्यालय का कारनामा: छात्राएं परीक्षा पत्रक में पास, लेकिन अंकसूची में फेल

भोपाल। मध्यप्रदेश के शिक्षा विभाग में लगातार गड़बड़ी के मामले समाने आते ही रहते हैं। ताजा मामला जिले रायसेन से सामने आया है, जहां उत्कृष्ट विद्यालय ( Excellent School ) की ओर से जारी परीक्षा परिणाम में पहले तो छात्राओं को पास दिखाया गया, वहीं अंकसूची में इन्हें फेल कर दिया गया। वहीं शिक्षकों की इस लापरवाही ( negligence ) के चलते छात्राओं का भविष्य संकट में आ गया है।


जानें हुआ क्या?...
भले ही सरकार शिक्षा के क्षेत्र में हरसंभव सुधार का प्रयास कर रही है, परंतु रायसेन जिले का शिक्षा विभाग में नित्य प्रतिदिन काले कारनामों ( Negligence at Excellent school ) का खेल खेला जा रहा है। दरअसल कन्या हायर सेकंडरी स्कूल, बाडी के प्राचार्य और जिम्मेदार शिक्षकों ने कक्षा नौवीं की 48 छात्राओं का भविष्य चौपट करने की लापरवाही की है।

जिनके परीक्षा पत्रक में तो उन्हें उत्तीर्ण बताया गया है, लेकिन अंकसूची में फेल कर दिया है। मगर अब सभी छात्राएं अपने भविष्य को लेकर चिंता में हैं।

परीक्षा पत्रक ( Examination sheet ) के आधार पर अंक सूची ( Score list ) में विषय वार अंक दर्ज किए जाते हैं और परीक्षा पत्रक से परीक्षा परिणाम ( exam results ) घोषित किया जाता है। जिस दिन परीक्षा परिणाम घोषित किया गया उस दिन छात्राएं खुशी से झूम रही थीं।

उन्होंने बोर्ड परीक्षा के फार्म जमा कर दिए पर जब छात्राएं अंकसूची लेने शाला पहुंची तो सभी छात्राओं को एक विषय में फेल की अंकसूची ( Negligence at Excellent school ) थमा दी गई। ऐसे में अब सवाल उठता है कि कन्या हाईस्कूल में एक विषय की परीक्षा की भी गई या नहीं।

उत्तर पुस्तिका में परीक्षा पत्रक तैयार होता है और पत्रक पर केंद्र अध्यक्ष के हस्ताक्षर होते हैं। अंकसूची पर भी प्राचार्य और शाला प्रमुख के हस्ताक्षर होते हैं। ऐसे में इसे भूल चूक का मामला नहीं माना जा सकता।

यह मामला गंभीर गलती की श्रेणी में आता है। क्योंकि पूरी 48 छात्राएं पास हैं, अंकसूची भरने वाले शिक्षक और प्राचार्य दोषी हैं। अब इस मामले की जांच कराने का ढिंढोरा पीटा जा रहा है। लोगों का कहना है कि इस मामले में दोषी शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई होना चाहिए।

पूरा मामला...
कन्या हाई सेकंडरी स्कूल में 48 छात्राएं कक्षा नौवीं की परीक्षा में सम्मिलित हुई, जिनके परीक्षा पत्रक से परीक्षा परिणाम 30 अप्रैल को घोषित किया गया, जिसमें 29 छात्राओं को उत्तीर्ण घोषित किया। वहीं अंकसूची मिलने पर सभी को अनुत्तीर्ण घोषित कर दिया।

इनमें से 8 छात्राएं उत्तीर्ण थी, बाद में इन्हें पूरक दी गई। सात छात्राओं को पहले एक विषय में पूरक बाद में दो विषय में पूरक दिया, इस तरीके से 48 छात्राओं की गलत अंकसूची बनाई गई।

इसमें परीक्षा प्रभारी शोभाराम मालवीय व मूल्यांकन केंद्र के अधिकारी केके वानी की लापरवाही इसमें स्पष्ट नजर आती है। अगर इस मामले को शिक्षा विभाग गंभीरता से ले और इसकी जांच की जाए तो इसमें कई चीजें सामने आएंगी।

ये हैं नियम : Rules
माध्यमिक शिक्षा मंडल के नए नियम के अनुसार अगर छात्राएं छात्र-छात्राएं 6 विषय में से पांच विषय में पास हो जाती हैं, तो बेस्ट फाइव के नियम के तहत उसे उत्तीर्ण घोषित किया जाता है।

वहीं जिस विषय में अनुत्तीर्ण हो उसे अंकसूची पर नहीं दर्शाया जाता। इसी के तहत बाड़ी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में जो परीक्षा पत्रक बनाया गया, उसमें 4 विषय के नंबर चढ़ाकर छात्राओं को उत्तीर्ण घोषित कर दिया और बाद में अंकसूची के समय उन छात्राओं को अनुत्तीर्ण कर दिया। इससे छात्राओं का भविष्य खतरे में।

मैंने 14 जून के बाद चार्ज लिया है, इससे पहले मूल्यांकन केंद्र प्रभारी केके वाणी थे। उन्ही के समय में यह सब हुआ है। परीक्षा प्रभारी शोभाराम मालवीय थे। अब जांच की जा रही है पूरा मामला छात्राओं के भविष्य जुड़ा है। इसकी उच्चस्तरीय जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
- केके मेहर, प्राचार्य शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय बाड़ी