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जींस, टीशर्ट पहनी तो नूतन कॉलेज में अब घुसने भी नहीं देंगे

वे इसे लिबर्टी और फ्रीडम के खिलाफ बता रही हैं। यूनिफॉर्म के कलर और बीच सत्र से लागू करने पर छात्राएं  अधिक नाराजगी जता रही हैं। इनका कहना है कि उन्हें तीन से चार महीने के लिए यूनिफार्म खरीदनी पड़ेगी।

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Juhi Mishra

Dec 27, 2016

nutan

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भोपाल। सरोजिनी नायडू कन्या स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय (नूतन कॉलेज) में जनवरी से ड्रेस कोड लागू होने का फरमान जारी कर दिया गया है। यह फरमान यूजी-पीसी कोर्स की सभी छात्राओं पर लागू होगा। दो जनवरी से छात्राएं यहां पर जींस टीशर्ट सहित अन्य तरह के लिबास में नहीं जा सकेगीं। सेमेस्टर ब्रेक के समय में भी छात्राएं इसके प्रति विरोध जताने कॉलेज पहुंची।

वे इसे लिबर्टी और फ्रीडम के खिलाफ बता रही हैं। यूनिफॉर्म के कलर और बीच सत्र से लागू करने पर छात्राएं अधिक नाराजगी जता रही हैं। इनका कहना है कि उन्हें तीन से चार महीने के लिए यूनिफार्म खरीदनी पड़ेगी।

सीनियर्स का कहना है कि कॉलेज प्रबंधन ने उनसे चर्चा किए बिना और सुझाव लिए बिना ही यह फरमान जारी कर दिया है। फाइनल ईयर की छात्राओं का कहना है कि बीच सत्र से ड्रेस कोड लागू करना पैसा बर्बाद करवाना है। इसमें एनुअल पैटर्न के आधार पर पढ़ाई करने वाली छात्राएं विरोध कर रही हैं। इसके लिए उन्होंने लिखित में शिकायत भी की है। नूतन कॉलेज में पहले भी ड्रेस कोड लागू करने की कोशिश की गई थी। लेकिन छात्राओं के विरोध के कारण इसे लागू नहीं किया जा सका।

यहां कोई शाट्र्स पहनकर नहीं आता
छात्राओं का कहना है कि उनका कॉलेज सिर्फ लड़कियों का है उनको इतनी आजादी मिलनी चाहिए कि वे अपनी पंसद के कपड़े पहन सकें। कोई भी शाट्र्स, मिनी स्कट्र्स पहनकर नहीं आते हैं। सभी सूट में आते हैं या फिर जींस-टाप में आते हैं। इसमें कोई बुराई नहीं है। सलवार कुर्ती और जींस टीशर्ट ही पहनते हैं। इसमें किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। वहीं लड़कों के कॉलेज और को-एड कॉलेज में ड्रेस कोड लागू नहीं है तो इस तरह का आदेश क्यों थोपा जा रहा है।

सीनियर्स ने मना किया है
छात्राओं का कहना है कि प्रबंधन ने किसी से भी सुझाव नहीं लिए गए। उनके ट्यूटर के पास एक प्रोफार्मा जरूर आया था। जिसे सीनियर्स ने लागू करने से इंकार कर दिया था। इस बात को कॉलेज प्रबंधन को भी क्लियर कर लेनी चाहिए। क्योंकि बहुमत ड्रेस कोड लागू होने के विरोध में निकलेगा।

0 मुझे नहीं लगता कि कोई छात्रा इसका विरोध करेगी। छात्राओं से फीडबैक लिया गया है। अधिकतम बच्चों को रुझान जिस ओर रहा उसके आधार पर प्रबंधन ने यह निर्णय लिया है। छात्राओं की च्वाइस और बहुमत के आधार पर निर्णय लिया गया है। बच्चे आगे भी इसी कॉलेज में पढ़ेंगे। इसलिए इसमें भी कोई दिक्कत नहीं है। अन्य सभी कॉलेजों में ड्रेस कोड पहले से लागू किया जा चुका है।
डॉ. वंदना अग्निहोत्री, प्राचार्य नूतन कॉलेज

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