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पानी पानी हुआ एमपी, 24 सितंबर तक बरसात कराएगा नया सिस्टम

एमपी में बारिश ने गजब ढा दिया है। पूरा प्रदेश पानी से तरबतर हो गया है। दो दिनों की लगातार और तेज बरसात के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में निचले इलाकों में पानी भर गया है, कई जगहों पर बाढ़ आ गई है। खास बात यह है कि मानसून का यह सिस्टम तो अभी सक्रिय रहेगा ही, कुछ ही दिनों बाद एक नया सिस्टम भी बनेगा। इससे प्रदेश में बरसात का दौर लंबा खिंच सकता है।

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एमपी में बारिश ने गजब ढा दिया है। पूरा प्रदेश पानी से तरबतर हो गया है। दो दिनों की लगातार और तेज बरसात के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में निचले इलाकों में पानी भर गया है, कई जगहों पर बाढ़ आ गई है। खास बात यह है कि मानसून का यह सिस्टम तो अभी सक्रिय रहेगा ही, कुछ ही दिनों बाद एक नया सिस्टम भी बनेगा। इससे प्रदेश में बरसात का दौर लंबा खिंच सकता है।

मौसम विज्ञानियों के अनुसार प्रदेश में 18 सितंबर तक मौजूदा सिस्टम पानी गिराएगा। इसके बाद नया सिस्टम सक्रिय होगा। ऐसे में अब प्रदेश में 24 सितंबर तक बरसात हो सकती है।

प्रदेश में लगातार बारिश से नदी-नालों में बाढ़ आ गई है। कई रास्ते बंद हो गए हैं। आमला के पास छिपन्या पिपरिया नदी में शुक्रवार को एक ऑटो बह गया। मुलताई में घर जाते समय पुलिया से एक हम्माल बह गया, जिसका कोई पता नहीं चला है। आगर-मालवा में बिजली गिरने से एक किसान की मौत हो गई। पूरे प्रदेश में करीब एक दर्जन लोग पानी में बहे हैं।

इन सिस्टम के कारण बारिश
उत्तरी छग पर बना गहरा कम दबाव का क्षेत्र पूर्वी मप्र पर सक्रिय है। एक अन्य द्रोणिका दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान से लेकर कम दबाव के क्षेत्र से होकर उत्तरी ओडिशा तट जा रही है।

मानसून द्रोणिका बीकानेर, कोटा से पूर्वी मप्र पर बने कम दबाव के क्षेत्र से होकर संबलपुर, दीघा होते हुए बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है।

एक अन्य द्रोणिका दक्षिणी कोंकण से कम दबाव के क्षेत्र से होकर मध्य महाराष्ट्र तक बनी हुई है। इसके अतिरिक्त दक्षिणी हरियाणा में हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है।

24 सितंबर तक हो सकती है बारिश
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अभी जिस सिस्टम के कारण बारिश हो रही है यह सिस्टम अभी 18 सितंबर तक सक्रिय रहेगा। इसके बाद फिर नया सिस्टम बनेगा, जो 24 सितंबर तक रहेगा। इस बीच फिर झमाझम हो सकती है।