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MP Election 2018: चुनाव आयोग की सख्ती: अब नेता ऐसे नहीं मांग सकेंगे वोट!

चुनाव आयोग का नया आदेश: उल्लंघन करने पर अयोग्य भी घोषित किया जा सकेगा...

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MP Election 2018: चुनाव आयोग की सख्ती: अब नेता ऐसे नहीं मांग सकेंगे वोट!

भोपाल। विधानसभा चुनाव में राजनीतिक दल और प्रत्याशी रात 10 बजे से सुबह 8 बजे तक मोबाइल फोन पर कॉल करके वोट नहीं मांग सकेंगे। सोशल मीडिया पर प्रचार से जुड़ी पोस्ट पर भी प्रतिबंध रहेगा।

निर्धारित समय के बाद प्रचार को लेकर किया गया फोन या मैसेज आचार संहिता के उल्लंघन के दायरे में आएगा। चुनाव में ऐसा पहली बार हो रहा है, जब सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार को रात दस बजे के बाद प्रतिबंधित किया जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने इस तरह की गाइड लाइन करीब दस माह पहले जारी की थी। इसे अब लागू किया जा रहा है। प्रतिबंध के उल्लंघन पर संबंधित को अयोग्य भी घोषित किया जा सकता है। अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी लोकेश जाटव के अनुसार, इस संबंध में कलेक्टरों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

इधर, व्यापमं घोटाले में घिरे किरार से कांग्रेस ने किया किनारा
वहीं दूसरी तरफ किरार समाज के पूर्व अध्यक्ष गुलाब सिंह किरार के कांग्रेस में शामिल होने पर बुधवार को घमासान मच गया।

इसके बाद पार्टी ने यू-टर्न लेते हुए गुलाब सिंह से किनारा कर लिया। संगठन उनको देर शाम तक कांग्रेस का सदस्य बताता रहा। इसके बाद मीडिया विभाग की अध्यक्ष शोभा ओझा ने कहा, गुलाब सिंह कांग्रेस के सदस्य नहीं हैं। पार्टी का उनसे कोई लेना-देना नहीं है।

इंदौर में 30 अक्टूबर को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के सामने गुलाब सिंह किरार, भाजपा विधायक संजय शर्मा और पूर्व विधायक कमलापत आर्य ने पार्टी की सदस्यता ली थी। गुलाब के शामिल होने के बाद कांग्रेस का एक धड़ा उनके पक्ष में था तो दूसरा खिलाफ था।

इसकी वजह उनका नाम व्यापमं मामले में आना था। आरोपी मामला दिल्ली पहुंचा तो पार्टी को यू-टर्न लेना पड़ा। हालांकि, संगठन प्रभारी उपाध्यक्ष चंद्रप्रभाष शेखर ने गुलाब को कांग्रेस का सदस्य बताया है।

गुलाब सिंह किरार ने राहुल गांधी और कमलनाथ के सामने इंदौर में कांग्रेस की सदस्यता ली है।
- चंद्रप्रभाष शेखर, संगठन प्रभारी

गुलाब अब व्यापमं घोटाले के आरोपी नहीं हैं। यदि वे बिना शर्त समर्थन कर रहे हैं तो कोई पार्टी क्यों मना करेगी।
- विवेक तन्खा, सांसद

व्यापमं घोटाले के खिलाफ लड़ाई लडऩे वाली कांग्रेस उसमें नाम आने वाले को शामिल भी नहीं कर सकती।
- शोभा ओझा, अध्यक्ष, मीडिया विभाग