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MP Election 2018: चुनावी टिकटों को लेकर दिग्विजय सिंह ने लिखी सोनिया को ‘चिट्ठी’! ट्वीट कर बताया फ्रॉड

'चिट्ठी' वायरल होने के बाद चुनाव परिदृश्य से गायब रहने के बावजूद फिर चर्चाओं में आए दिग्विजय...

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digvijay singh

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भोपाल। एक पखवाड़े से चुनावी परिदृश्य से गायब हुए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का विवाद से नाता खत्म होता नहीं दिख रहा है। अब उनके लैटर हेड से एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जो कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के नाम लिखा है।

इसमें 57 लोगों को टिकट देने की सिफारिश करने के साथ आरोप है कि कांग्रेस की प्रदेश चुनाव समिति टिकटों के नाम पर धंधे कर रही है। हालांकि, दिग्विजय ने बुधवार को ट्वीट कर इस पत्र को फ्रॉड बताते हुए कहा, ऐसा कोई पत्र उन्होंने नहीं लिखा है।

दिग्विजय 16 अक्टूबर से चुनावी परिदृश्य से गायब हैं। तब उन्हें विवादास्पद वीडियो वायरल होने पर राहुल गांधी ने ग्वालियर दौरे में तलब किया और अपने साथ दिल्ली ले गए थे।

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वे राहुल के मालवा-निमाड़ दौरे में भी नहीं पहुंचे। उन्होंने ट्वीट से जानकारी दी कि उन्हें अध्यक्ष ने कुछ आवश्यक कार्य सौंपा है। इससे वे राहुल के दौरे में अनुपस्थित रहेंगे।

सवाल: क्या चुनाव में दिखेंगे दिग्विजय
क्या दिग्विजय विधानसभा चुनाव में नजर आएंगे? इस सवाल पर पार्टी नेता मौन हैं। उधर, दिग्विजय ने राहुल के मालवा दौरे के बहाने ट्वीट से ये संकेत दिए हैं कि वे खास मिशन पर हैं। वैसे, पार्टी नेता मानते हैं कि वे चुनाव से जितने दूर रहेंगे, भाजपा का कांग्रेस के विरुद्ध कैंपेन उतना ही कमजोर रहेगा।

कांग्रेस में भी हो रहे नजरअंदाज
चुनाव के समय दिग्विजय को कांग्रेस में भी नजरअंदाज किया जा रहा है। जब भी मुख्यमंत्री के दावेदार के रूप में पार्टी में बात होती है तो कमलनाथ और सिंधिया का नाम सामने आता है।

हाल ही में राहुल गांधी ने भी प्रदेश दौरे में इन्हीं दोनों नेताओं को प्रमोट किया। 17 सितंबर को राहुल के भोपाल दौरे में दिग्विजय का कटआउट नहीं लगाया गया। हालांकि, तब दिग्विजय ने कहा था कि उन्होंने ही कटआउट लगाने से मना किया था, जबकि कमलनाथ ने इस पर माफी मांगी।

छत्तीसगढ़ में 40 स्टार प्रचारकों की सूची में दिग्विजय का नाम नहीं रखा गया। छत्तीसगढ़ में उनका प्रभाव माना जाता रहा है।

जो पत्र सामने आया है, वह फर्जी है। मैंने ऐसा कोई पत्र नहीं लिखा है। जहां तक राहुल के मालवा-निमाड़ दौरे में शामिल न होने का सवाल है तो मैं पहले ही स्पष्ट कर चुका हंू कि उन्होंने मुझे अन्य महत्वपूर्ण काम सौंपा है।
- दिग्विजय सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री

उधर, भाजपा शुरुआत से ही दिग्विजय शासन को मुददा बनाती रही है। सार्वजनिक मंचों पर उन्हें बंटाढार तक का संबोधन दिया गया। यह आरोप लगता रहा है कि भाजपा छोटी-छोटी बातों पर दिग्विजय को विवादों में घसीटती रही है।