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बड़ी खबर: आपकी जेब पर डालेंगे ये बदलाव बड़े असर, जानिये 1 अप्रैल से होने जा रहे कौन से चेंजेस

मध्यप्रदेश में एक अप्रैल 2018 से शराब के अहाते बंद हो जाएंगे!

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भोपाल। नया फाइनेंशियल ईयर 1 अप्रैल से शुरू हो रहा है। इससे पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 1 फरवरी को आम बजट में 2018-19 के लिए कई बदलाव पेश किए थे। इसके अलावा मध्यप्रदेश का बजट भी 28 फरवरी को वित्त मंत्री जयंत मलैया ने पेश किया था। अब 1 अप्रैल के साथ ही कुछ नियम बदल जाएंगे, जिनका सीधा असर हम सभी की जिंदगी पर पड़ेगा।

इन सबके बाद नया फाइनेंशियल ईयर 1 अप्रैल से शुरू हो रहा है, और इसी दिन से कई नियम भी प्रभाव में आएंगे। ये नियम सीधे तौर पर हम सब को प्रभावित करेंगे...

MP में ये होगा खास...
मध्यप्रदेश में एक अप्रैल 2018 से शराब के अहाते बंद हो जाएंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को एक कार्यक्रम में यह घोषणा की। प्रदेश में देशी और अंग्रेजी शराब की कुल 3600 (2500 देशी, 1100 अंग्रेजी) दुकानें हैं। इसमें से लगभग 80 प्रतिशत दुकानों के साथ अहातों के ठेके दिए गए हैं। इनमें बैठकर शराब पीने की व्यवस्था है।

जानकारी के अनुसार पिछले कुछ समय से सरकार को शिकायतें मिल रही थीं कि शराब दुकानों के पास अहाते होने से क्षेत्रीय लोगों को परेशानी हो रही है। इसके बाद सरकार ने ये निर्णय लिया है। सरकार शराब दुकान के साथ अहाते का लाइसेंस देती है। इसके लिए ठेके की राशि का 2% बतौर फीस सरकार वसूलती है।

ये भी घोषणाएं...
- बाल हृदय उपचार और राज्य बीमारी सहायता के आवेदन ऑनलाइन लेंगे। ताकि बीमार व्यक्ति को समय पर उपचार के लिए राशि मिल सके।
- मासूमों से दुष्कर्म करने वालों को फांसी के लिए जनसुरक्षा कानून जल्द लाया जाएगा।
- चरण पादुका योजना का क्रियान्वयन जनवरी से होगा।
- 20 नवंबर तक खाते में पहुंचेगी भावांतर की राशि: यहां सीएम ने कहा- 16 से 31 अक्टूबर के बीच फसल बेचने वाले पंजीकृत किसानों के बैंक खातों में 20 नवम्बर तक भावांतर की राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी।
राज्य शासन द्वारा शिक्षा की गुणवत्ता को दृष्टिगत रखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि आगामी शैक्षणिक सत्र 2018-19 में कक्षा 1 से 12 वी तक का शैक्षणिक सत्र 01 अप्रैल से प्रारंभ होगा। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग मध्यप्रदेश शासन द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है।

ये बदलाव करेंगे खास प्रभावित...
- सीनियर सिटीजन की बात करें तो चुनिंदा बीमारियों के इलाज पर किए गए खर्च की 1,00,000 रुपए तक की रकम अब करयोग्य आय में से घटाई जाएगी। अब तक अति-वरिष्ठ नागरिकों (80 वर्ष से अधिक) को 80,000 रुपए तथा वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष से अधिक) को 60,000 रुपए की छूट थी।
- वरिष्ठ नागरिकों को ब्याज से होने वाली आय में से 50,000 रुपए तक की रकम पर कर में छूट हासिल होगी। पहले यह सीमा 10,000 रुपए थी।
- इसके अलावा सरकार ने प्रधानमंत्री वय वंदना योजना (PMVVY) के तहत निवेश की सीमा को भी 7.5 लाख रुपए से बढ़ाकर 15 लाख रुपए कर दिया है, तथा इस योजना को मार्च, 2020 तक विस्तार देने का प्रस्ताव भी दिया है।

दरअसल एक अप्रैल से सरकारी कागजों के लिए नया साल होता शुरू होता है और इसी तारीख से 2018-19 वित्तीय वर्ष शुरू हो रहा है, और जिस तरह से आम बजट की घोषणा में कई सारे बदलाव देखने को मिले, वे सभी इसी एक अप्रैल से लागू होंगे। इस तरह से देखा जाए तो आम लोगों की जिंदगी में भले ही कोई बदलाव हो या न हो, मगर इसके असर जरूर होंगे।

ऐसे में इसकी जानकारी होना हम सबके लिए काफी अहम है। इन महत्वपूर्ण बदलावों में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स, स्टैंडर्ड डिडक्शन और इनकम टैक्स पर अधिक सेस आदि शामिल हैं।

Investment यानि निवेश...
अभी तक भले ही लॉग टर्म निवेश पर टैक्स नहीं था, मगर अब एक साल से अधिक के निवेश में मुनाफे पर 10 फीसदी का टैक्स और 4 फीसदी सेस लगेगा। अगर एक साल में कैपिटल गेन एक लाख रुपये तक है तो फिर आप टैक्स से बच जाएंगे।

Intrest यानि ब्याज...
इस बार सरकार ने ब्याज में राहत दी है। अब 50 हजार रुपए तक का ब्याज टैक्स फ्री होगा। वरिष्ठ नागरिकों के लिए बैंक और पोस्ट ऑफिस में जमा पर 50 हजार रुपये तक ब्याज टैक्स फ्री होगा। ज्ञात हो कि अभी तक 10 हजार रुपए तक का ही ब्याज टैक्स फ्री था।

मेडिकल री-इंबर्समेंट की सेवा समाप्त...
इस वित्तीय वर्ष से मेडिकल री-इंबर्समेंट की सुविधा खत्म हो जाएगी। वेतनधारियों और पेंशनधारियों को 40,000 रुपए स्टैंडर्ड डिडक्शन का लाभ मिलेगा। मगर 15,000 रुपए मेडिकल री-इम्बर्समेंट और 19,200 रुपए ट्रांसपोर्ट अलाउंस की सुविधा अब नहीं मिलेगी।

Insurance यानि बीमा...
बीमा पॉलिसी में भी इस साल से बदलाव देखने को मिलेंगे। सिंगल प्रीमियम वाली पॉलिसी अगर एक से से अधिक समय से लिए है तो हर साल समान अनुपात में प्रीमियम पर आपको छूट मिल सकती है। हालांकि, अभी छूट का लाभ उठाने की सीमा 25 हजार है।

सेस अधिक, इनकम टैक्स पर...
इस साल से इनकम टैक्स पर सेस अधिक लगेगा। इनकम टैक्स पर 3 फीसदी के बदले अब 4 फीसदी हेल्थ और एजुकेशन सेस लगेगा।

E-Way Bill/इ-वे बिल
इस साल से एक राज्य से दूसरे राज्य में माल लाने और ले जाने के लिए ई-वे बिल अनिवार्य होगा। मगर इसका शर्त है कि अगर गाड़ी में रखे माल की कीमत 50 हजार रुपये से कम है तो इस बिल की जरूरत नहीं होगी। साथ ही जिन वस्तुओं पर टैक्स नहीं लगता है, वह भी इसमें नहीं जुड़ेगी।

इनकम टैक्स का NPS निकासी पर लाभ...
सरकार ने नैशनल पेंशन सिस्टम यानी एनपीएस में जमा रकम निकालने पर टैक्स छूट का लाभ अब उन लोगों के लिए भी देने का प्रस्ताव किया है जो सेल्फ एम्प्लॉई हैं। सेल्फ-एंप्लॉयड लोगों को एनपीएस से पैसे निकालने पर 40% हिस्से पर टैक्स नहीं लगेगा। अभी तक यह सुविधा वेतनभोगियों के लिए थी।

कम बैंलेंस पर कम चार्ज...
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपने ग्राहकों को राहत दी और बैंक अकाउंट में औसर मासिक बैलेंस न होने पर लगने वाले चार्ज को कम कर दिया है। ये नियम भी 1 अप्रैल से ही लागू हो रहे हैं।