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अमित शाह की नई रणनीति- लोकसभा के लिए एक घर पर एक कार्यकर्ता को ज़िम्मा

छिंदवाड़ा, गुना और झाबुआ के हर घर पर एक कार्यकर्ता को जिम्मेदारी, मिशन 2019 जीत के लिए अमित शाह की तैयारी - तीन सीटों पर तैनात होंगे साढ़े दस लाख कार्यकर्ता

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भोपाल

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Arun Tiwari

Jul 07, 2018

Amit Shah

Amit Shah

भोपाल @रिपोर्ट-अरुण तिवारी:

विधानसभा चुनाव के साथ साथ भाजपा 2019 के लोकसभा चुनाव जीतने की रणनीति पर भी तेजी से काम कर रही है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने देशभर की उन लोकसभा सीटों पर फोकस किया है जो पार्टी की पहुंच से दूर रहती हैं। इनमें मध्यप्रदेश की तीन सीटों में कमलनाथ की छिंदवाड़ा, ज्योतिरादित्य सिंधिया की गुना और कांतिलाल भूरिया की झाबुआ संसदीय सीट शामिल है।

कांग्रेस की इन अजेय सीटों पर जीत दर्ज करने के लिए अमित शाह ने नई रणनीति तैयार की है। इसके तहत हर घर पर एक कार्यकर्ता तैनात किया जाएगा जिसे भाजपा का सिपाही कहा जा रहा है। इस कार्यकर्ता पर संपर्क के साथ साथ उस घर के सदस्यों को मतदान कराने तक का जिम्मा होगा।

- ये है शाह की नई रणनीति

प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों पर 65 हजार पोलिंग बूथ हैं, एक लोकसभा सीट पर करीब 2300 बूथ होते हैं, जिनमें करीब 3 - 3.5 लाख घर होते हैं। एक घर में औसतन तीन से पांच सदस्य माने जाते हैं, इस तरह प्रदेश की तीनों लोकसभा सीट पर करीब 6900 पोलिंग बूथ हैं जिनमें 10 लाख 35 हजार मतदाताओं के घर हैं।

इन सभी घरों पर एक-एक कार्यकर्ता को प्रभार दिया जाएगा यानी उस घर में वो कार्यकर्ता संपर्क करेगा उनको भाजपा के पक्ष में मतदान करने के लिए प्रेरित करेगा और उनको वोटिंग कराने भी ले जाएगा,उस घर के सदस्य यदि दूसरे शहर में काम करते हैं तो मतदान के दिन उनको पोलिंग बूथ तक ले जाकर मतदान सुनिश्चत कराएगा, ये सब काम वो अपने रोजाना के काम नौकरी या व्यवसाय के साथ-साथ करेगा।

इनमें परंपरागत कांग्रेस समर्थित कार्यकर्ताओं के घर भी होंगे लेकिन वहां भी भाजपा कार्यकर्ता संपर्क करेगा। - देश की 400 सीटों के लिए यही रणनीति प्रदेश की तीन सीटों समेत देशभर की 400 लोकसभा सीटों के लिए अमित शाह ने ये रणनीति तैयार की है। पार्टी की कोशिश हर घर तक कार्यकर्ता को पहुंचाने की है।

अभी तक बूथ टोली,पन्ना प्रमुख और अर्ध पन्ना प्रमुख थे लेकिन अब एक घर पर एक कार्यकर्ता को तैनात करने की तैयारी की जा रही है। प्रदेश की इन सीटों पर जीत के लिए भाजपा पहले तीन सांसदों को जिम्मेदारी दे चुकी है,उसके बाद उत्तरप्रदेश के मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह को यहां पर जीत की रणनीति बनाने के लिए लगाया गया था।

- चुनौतियों को देखते हुए 2019 में जीत की रणनीति बनाई जा रही है। राष्ट्रीय अध्यक्ष असंभव को संभव करने की योजना और क्षमता रखते हैं, इसी लिहाज से इस नई योजना के तहत काम हो रहा है। - आलोक संजर सांसद एवं प्रदेश प्रवक्ता,भाजपा