
RGPV FD scam-राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विवि (आरजीपीवी) एफडी घोटाले की विभागीय जांच में करोड़ों के याज का हेरफेर का खुलासा हुआ। आईसीआईसीआई की बैरागढ़ शाखा में भी 100 करोड़ की एफडी है।
लेखा शाखा के रिकॉर्ड में फर्जीवाड़ा कर आरोपियों ने एक दिसंबर 2022 को 725 दिन के लिए 25-25 करोड़ की चार एफडी की रसीदें तैयार कराईं। इस पर 7.40 प्रतिशत प्रतिवर्ष ब्याज मिलता है। एक्सिस बैंक कटारा में 15 दिसंबर 2022 में दो वर्ष के लिए 25-25 करोड़ की 3 एफडी कराई, जिस पर 8.07 प्रतिशत ब्याज दर का उल्लेख है। दो साल में 175 करोड़ की राशि पर 36 करोड़ ब्याज के हो रहे हैं। बीच- बीच में एफडी तोड़ी, जिसके लिए बैंक ने कमीशन भी दिया।
एफआईआर के बाद कुलपति का इस्तीफा होता है तो राज्यपाल नए कुलपति की नियुक्ति करेंगे। वे इस्तीफा नहीं देते तो विवि अधिनियम की धारा 53 से कुलपति को हटाया जा सकता है।
आरजीपीवी ने निजी बैंक आरबीएल की पिपरिया शाखा में रुपए जमा किए, वह बैंक की छोटी शाखा है। पर आरजीपीवी कुलपति और तत्कालीन रजिस्ट्रार ने बैंक के फर्जी स्टेटमेंट तैयार करवाकर विवि की राशि के 25-25 करोड़ की चार एफडी बनवाकर पिपरिया शाखा में जमा कराईं। रिकॉर्ड के अनुसार आरबीएल की ब्याज दर अन्य बैंकों की अपेक्षा अधिक है।
घोटाले में शामिल दलित संघ नर्मदापुरम के सोहागपुर का बड़ा एनजीओ है। 35 साल से दलितों के लिए काम कर रहा। दलित संघ को आरजीपीवी ने 9.5 करोड़ ट्रांसफर किए हैं। इसके संस्थापक गोपाल नारायण आवटे की पत्नी विधुलता और संघ के सचिव रतन उमरे में स्वामित्व पर विवाद है।
Published on:
05 Mar 2024 08:13 am
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