1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

NIA in MP: एनआईए हेडक्वार्टर ने चीफ सेक्रेटरी को लिखा पत्र, 52 लोगों का होगा स्टाफ-ये होगा इसका पता

NIA in MP: प्रतिबंधित आतंकी संगठन PFI के खुलासे के बाद यहां खुल रहा है NIA का पहला थाना

2 min read
Google source verification
nia_first_police_station_in_mp.png

NIA in MP: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में NIA के पहले थाने में 52 लोगों का स्टाफ़ होगा। यहां डेपुटेशन पर पुलिस अधिकारी और कर्मचारी भेजे जाएंगे। इस संबंध में NIA हेडक्वार्टर ने मप्र के चीफ़ सीक्रेटरी को पत्र लिखा है। ज्ञात हो कि इस थाने की कमान एक DIG, एक SP और एक ADSP सम्हालेंगे। यह निर्णय PFI जैसे प्रतिबंधित आतंकी संगठन के पकड़े जाने के बाद लिया गया है।

दरअसल, आतंकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए मध्यप्रदेश में एनआईए NIA का पहला थाना खुल रहा है। गृह विभाग ने औपचारिक रूप से नोटिफिकेशन जारी कर यह जानकारी दी है। इस थाने का कार्यक्षेत्र पूरा मध्यप्रदेश रहेगा।

इसका पता तीसरी मंजिल, ओल्ड क्राइम इंवेस्टिंगेशन विभाग बिल्डिंग जहांगीराबाद, भोपाल है। थाने के लिए फिलहाल ओल्ड क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट बिल्डिंग दी गई है। अब स्थायी ठिकाना मिलने तक यह थाना यहीं काम करेगा।

यह पहला मौका है जब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) का थाना भोपाल में खोला गया है। राज्य सरकार ने औपचारिक रूप से इसकी अधिसूचना पूर्व में जारी कर दी थी। यह थाना पूरे मध्यप्रदेश में काम कर सकेगा। इस नए थाने से मध्यप्रदेश पुलिस को बेहतर तालमेल बनाने के साथ ही पूरे प्रदेश में अपनी गतिविधियों को बेहतर करने में मदद मिलेगी।

मध्यप्रदेश के गृह विभाग की अधिसूचना में कहा गया है कि इस थाने का नाम राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण यानी राष्ट्रीय जांच एजेंसी पुलिस थाना होगा। केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन यह कार्य करेगा। इसमें रिक्त पदों पर नियुक्ति दिल्ली से ही होगी। अस्थायी रूप से यह थाना जहांगीराबाद में रहेगा। एनआईए को राज्य सरकार की ओर से जब जमीन मिल जाएगी, तब इसे अलग भवन मिल जाएगा।

ज्ञात हो कि एनआईए का मध्यप्रदेश में कोई पुलिस थाना नहीं है। इस कारण प्रदेश के मामलों की जांच भी बाहर हो रही थी। अब सभी केस मध्यप्रदेश के थाने में ट्रांसफर हो जाएंगे और शीघ्र कार्रवाई हो सकेगी। इस थाने में डीएसपी स्तर के अधिकारी को टीआई बनाया गया है। नए थाने के नोटिफिकेशन के साथ ही टेरर फंडिंग सहित अन्य मामलों में एफआईआर दर्ज की जा सकेगी। पहले मध्यप्रदेश में एनआईए का कोई थाना नहीं होने के कारण इसकी शिकायतें अन्य राज्यों में दर्ज की जाती थी।