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कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव पर सरकार के ‘आपातकाल’ का वार

हंगामे के बीच सदन स्थगित

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mahila vidayak

VIDHAN SABHA

भोपाल. विधानसभा में मंगलवार को कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव और भाजपा के आपातकाल के मुद्दे पर काफी हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने यहां तक कह दिया कि सरकार ने हमारे अविश्वास प्रस्ताव पर आपातकाल लगा दिया।

प्रश्नकाल शुरू होते ही संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि आज आपातकाल की बरसी है। आपातकाल में बेकसूर लोगों को जेल में डाल दिया गया था। कई लोगों ने जेल में रहते हुए दम तोड़ दिया। इसके लिए विपक्ष को माफी मांगना चाहिए। मिश्रा ने तत्कालीन पूर्व प्रधानमंत्री को तानाशाह तक कह दिया, जिसका कांग्रेस सदस्यों ने तीखा विरोध किया।

कार्यसूची में शामिल विषयों पर चर्चा की मांग करते हुए कांग्रेस सदस्य गर्भगृह तक जा पहुंचे। महिला सदस्य हाथ में चूंडि़यां लहरातीं दिखीं। स्पीकर सीतासरन शर्मा ने सदन की कार्यवाही 10 मिनट, फिर दो बार 15 -15 मिनट और एक बार 30 मिनट के लिए स्थगित कर दी। फिर कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।

बसपा विधायक पहुंचे गर्भग्रह में
बसपा विधायक दलित अत्याचार के विरोध में पर्चे लेकर गर्भग्रह तक जा पहुंचे। उनका कहना था कि सरकार दलितों पर दमनकारी नीति अपना रही है। दलित आंदोलन के दौरान झूठे प्रकरण दर्ज किए गए हैं। ये प्रकरण वापस लिए जाएं। वहीं, भाजपा के कुछ सदस्य 'मां को न्याय दोÓ के पर्चे लेकर गर्भग्रह में आ गए।

स्पीकर के आदेश फाड़े विधायक ने
कांग्रेस डॉ. गोविंद सिंह ने आदेश की पुस्तिका दिखाते हुए कहा कि स्पीकर के स्थायी आदेश हैं कि विधेयक सदन में पेश किए जाने के दो दिन पहले विधायकों को मिल जाने चाहिए, लेकिन स्पीकर अपना ही आदेश नहीं मान रहे हैं। अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा नहीं करवा रहे हैं। उन्होंने यह कहते हुए पुस्तक फाड़ दी।

फोटो सेशन अब जुलाई में
विधानसभा अध्यक्ष ने मीडिया से कहा, सत्र सौहाद्र्रपूर्ण ढंग से समाप्त नहीं हो सका। जुलाई में राष्ट्र मंडल के भारतीय संसदीय संघ का कार्यक्रम भोपाल में होगा। इस मौके पर प्रदेश के सभी विधायकों को भी आमंत्रित किया जाएगा। यहां विदाई फोटो सेशन भी होगा।

प्रदेश में अघोषित आपातकाल: नाथ
प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश में अघोषित है। बैरसिया में दलित किसान को उसकी पत्नी के सामने भाजपा से जुड़े दबंगों ने जिंदा जला दिया। मंदसौर गोलीकांड में एफआइआर नहीं। रेत के अवैध उत्खनन को रोकने वाले अधिकारियों पर जानलेवा हमला। अपना हक मांग रही युवतियों को रात के अंधेरे में जेल में डालना। दिव्यांगों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटना व बंद करना। क्या यह अघोषित आपातकाल नहीं है?

17 विधेयकों की पूरी कहानी 'पत्रिका' में
विधानसभा में 17 महत्वपूर्ण विधेयक बिना चर्चा के चंद मिनटों में पास हो गए। इनसे प्रदेश की जनता पर सीधा असर पडऩे वाला है। 'पत्रिका' अपने पाठकों तक हर विधेयक एक-एक तथ्य को पहुंचाना चाहता है। हम प्रतिदिन एक विधेयक पर विस्तार से समाचार प्रकाशित करेंगे। इसमें उस विधयेक का महत्व, उस का आम जनता पर पडऩे वाले प्रभाव पर रिपोर्ट होगी।