
No power line shift even after complaint
भेल। सूरज कुंज 80 फीट मास्टर प्लान रोड से बिजली लाइन शिफ्ट नहीं होना परेशानी का सबब बन गया है। बीते दो महीने में बीच सडक़ पर लगे बिजली पोल से टकराने के कारण तीन कार क्षतिग्रस्त हुई हैं। यहां के रहवासी बिजली कंपनी से लेकर सीपीए के अफसरों तक कई बार गुहार लगा चुके, लेकिन मास्टर प्लान रोड से बिजली लाइन शिफ्ट नहीं की जा रही है।
जानकारी के अनुसार डीआरएम ऑफिस रोड को ऋषिपुरम होते हुए भेल स्थित स्वामी विवेकानंद पीठ स्कूल तक मास्टर प्लान 80 फीट रोड का निर्माण किया गया है। सूरज कुंज के पास भेल की अनुमति नहीं मिलने के कारण सडक़ निर्माण कार्य बीते डेढ़ साल से रूका हुआ है। सीपीए ने सडक़ निर्माण कार्य अधूरा छोडऩे के साथ बिजली लाइन भी शिफ्ट नहीं की है। बिजली के खंभा बीच सडक़ पर लगे हुए हैं। रात के समय इस सडक़ पर कई बार अंधेरा रहता है। अंधेरे के कारण मास्टर प्लान रोड से निकलने वाले वाहन खंभों से टकरा जाते हैं। कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है।
सीएम हेल्पलाइन में भी दर्ज है शिकायत
सडक़ का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं होने और बिजली की लाइन शिफ्ट नहीं करने की शिकायत रहवासी सीएम हेल्पलाइन 181 पर भी दर्ज करा चुके हैं। सीएम हेल्पलाइन, सीपीए और बिजली कंपनी के ऑफिस में शिकायत करने के बाद भी समस्या का निराकरण नहीं हुआ है। अब रहवासी आंदोलन करने की रणनीति बना रहे हैं।
वाहन चालक हो रहे हादसे का शिकार
भेल निवासी रामसिंह यादव 5 मई को अपनी कार में रायसेन रोड की तरफ जा रहे थे। रात करीब 8.30 बजे सूरत कुंज के पास कार बीच सडक़ पर लगे तार से टकरा गई। इसमें कार की एक लाइट फूट गई। दूसरा हादसा 28 मई को हुआ। रहवासी जगदीश मालवीय की कार भी इसी रोड पर बिजली के खंभे से टकराने से क्षतिग्रस्त हो गई। रहवासियों ने बताया कि अप्रैल में भी इस सडक़ पर एक हादसा हुआ था।
जल्द ही बिजली लाइन शिफ्ट कराने की कार्रवाई करेंगे
सडक़ निर्माण कार्य के चक्कर में काम लेट हो गया है। हम जल्द ही बिजली लाइन शिफ्ट कराने की दिशा में कार्रवाई क करेंगे। जवाहर सिंह, एसई सीपीए
राहगीरों के लिए मुसीबत बने जर्जर खंभे को निगम ने बदला
चूनाभट्टी। कोलार तिराहे के पास राहगीरों के जान की आफत बना बिजली के खंबे को मंगलवार को नगर निगम ने जर्जर खंभे को बदल कर नया खंभा लगा दिया। वार्ड 30 की पार्षद सीमा सक्सेना ने बताया कि जर्जर खंभे को लेकर पिछले 15 दिनों से शिकायत की जा रही थी, लेकिन अधिकारियों के ध्यान नहीं देने से खंभा जानलेवा बन गया था। गौरतलब है कि राहगीरों की समस्या को पत्रिका ने 25 जून को कमजोर आड़े- तिरछे खंभो पर झूल रहीं बिजली की लाइन शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद अधिकारियों ने दो दिन के अंदर खंभे को बदलवाने का आश्वासन दिया था।
Published on:
27 Jun 2018 08:33 am
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