
भोपाल। सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने पर लगी रोक का कोई पालन नहीं हो रहा। सामान्य स्थिति में तो ठीक है लेकिन बस स्टैंड पर कुछ ऑटो चलते फिरते अहाते बन गए। इनमें कई ड्राइवर और आसपास के लोग शराब पीते मिले। सवारी मिलने पर यही यात्रियों को एक से दूसरे स्थान पर पहुंचाने का जिम्मा भी ले लेते हैं। जो कि हादसों का कारण बन सकता है। शासन ने शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों और गाड़ी में बैठकर शराब पीने वालों पर चालानी कार्रवाई की मुहिम चला रखी है।
जबकि नादरा बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थान पर ड्राइवर ही ऑटो में बैठकर शराब पीते नजर आ रहे हैं। इतना ही नहीं वह शराब पीने के लिए ग्लास, सोडा भी यहां लगी पान की दुकान से ही खरीदते हैं, जबकि रात के समय नादरा बस स्टैंड पर पुलिस का चेक पाइंट ही नहीं है, बल्कि स्टैंड के अंदर और चौराहे पर पुलिस ने चौकी तक खोल रखी है। नादरा बस स्टैंड पर नियमानुसार सिर्फ विदिशा रोड की बसें ही खड़ी होना चाहिए, लेकिन यहां सभी रुट की बसें रात में आती हैं।
जिसके लिए बड़ी संख्या में सवारी के साथ शहर के लोग भी बस स्टैंड पर रात में जमे रहते हैं। यहां की सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस की चौकी से लेकर चेकिंग पाइंट पर भी पुलिस नियम विरुद्ध वाहन चलाने वालों की धरपकड़ करती है। पुलिस की आंख में धूल झोंकते हुए रात 11 बजे विदिशा की बसें जहां खड़ी होती है, वहीं दो ऑटो चालक एक ऑटो में बैठकर शराब पी रहे थे। उन्होंने ग्लास और पानी भी वहीं लगी पान की दुकान से खरीदा था। दुकानदारों ने बताया कि ऑटो तो दूर यहां रात में खड़ी बसों के अंदर भी लोग शराब पीते हंै। खाली बॉटल, ग्लास और पानी के पाउच परिसर में ही फेंक देते हैं।
बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर ही सबसे अधिक क्राइम होता है, जबकि पुलिस वहां तैनात रहती है। पुलिस प्रशासन को सिर्फ कार वालों को ही जांच नहीं करना चाहिए। दुर्घटना और हादसे ड्राइवर, कंडक्टर के द्वारा अधिक होते हैं।
-पं.संजय मेहता, सामाजसेवी
जांच का नियम सबसे लिए बराबर है, पुलिस जांच भी करती रहती है। रात में ऑटो और खड़ी हुई बसों की भी सख्ती से जांच करने निर्देश दिए जाएंगे।
-राजेश भदौरिया, एएसपी
Published on:
28 Apr 2018 08:30 am
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