पंचायत मंत्री ने कहा कि हमारे यहां पर्याप्त मात्रा में मूल संपदा वन है, इससे लघु उद्योगों को बढ़ावा दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि देशी और विदेशी औद्योगिकरण और शहरीकरण से वन एवं वन्य प्राणी घट रहे हैं। अब भी इस पर ध्यान नहीं देने से हरियाली बर्बाद होती है तो इतिहास हमें कभी माफ नहीं करेगा। भार्गव ने कहा कि घरेलू उद्योग हमारे आर्थिक और रोजगार के बेहतर साधन हो सकते हैं।