
कहीं आपके दस्तावेजों से तो बाइक नहीं हो रहीं फाइनेंस, ये आरोपी फर्जी तरीके से ऐसा ही करते थे
भोपाल। मध्यप्रदेश के 21 जिलों में पारधी जाति अनुसूचित जाति में की श्रेणी में आएगी। प्रदेश में पिछले वर्षों में पांच नए जिले बने हैं जिनमें जिलों के गठन के बाद पारधी जाति को लेकर पेंच फंसा हुआ था। सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के बाद अब इन जिलों में भी पारधी वर्ग के लोगों को आसानी से एससी का प्रमाण पत्र मिल सकेगा।
सामान्य प्रशासन विभाग ने संशोधन करते हुए सभी विभागों और मैदानी अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। इस मामले में सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार ने मध्यप्रदेश के लिए अधिसूचित अनुसूचित जाति की सूची में पारधी जाति को भिंड, धार, देवास, गुना, ग्वालियर, इंदौर, झाबुआ, खरगोन, मंदसौर, मुरैना, राजगढ़, रतलाम, शाजापुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा जिले में अनुसूचित जाति में रखा है।
ये हैं नए जिले-
पांच वे जिले शामिल किए हैं, जो पुनर्गठन के बाद अस्तित्व में आए हैं। इनमें अशोकनगर, आलीराजपुर, बड़वानी, आगर-मालवा और नीमच आते हैं।
पांच साल में भी नहीं किया शामिल-
अक्टूबर 2014 में इन नए जिलों में पारधी को अनुसूचित जाति में शामिल करने के निर्देश दिए थे, लेकिन यह हो नहीं पाई थी। अधिकारियों के अनुसार इसकी वजह से होने वाली परेशानी को देखते हुए नए सिरे से दो दिन पहले निर्देश दिए गए हैं। पारधी को अनुसूचित जाति में शामिल करने से अब काम में आसानी हो सकेगी।
Published on:
26 Dec 2019 10:13 am
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