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अब डॉक्टर नहीं रोबोट करेगा सर्जरी, भोपाल के इस अस्पताल में मिलेगी सुविधा Workshop आज

इसके लिए अत्याधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर तैयार करने के साथ 15 करोड़ रुपए की विशेष रोबोटिक आर्म इंस्टॉल की जाएगी...

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भोपाल। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल में अब डॉक्टर नहीं रोबोट के हाथों से जटिल ऑपरेशन को अंजाम दिया जाएगा। इसके लिए अत्याधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर तैयार करने के साथ 15 करोड़ रुपए की विशेष रोबोटिक आर्म इंस्टॉल की जाएगी।

एम्स भोपाल प्रदेश का पहला अस्पताल होगा, जहां यह सर्जरी की जाएगी। निजी अस्पतालों में इस सर्जरी पर पांच से छह लाख रुपए खर्च करने पड़ते हैं, जबकि एम्स भोपाल में यह एक से सवा लाख रुपए में हो जाएगी। इस सुविधा के शुरू करने के पहले चरण में शुक्रवार को एक वर्कशॉप का आयोजन किया जा रहा है। इसमें कनाडा की मैक्गिल यूनिवर्सिटी के रोबोटिक सर्जरी ऑकोलॉजी के हेड डॉ. वॉल्टर गॉटलिब और कोकिलाबेन अस्पताल मुंबई के रोबोटिक सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. मंदार देशमुख इसकी जानकारी देंगे।

यहां है सुविधा
दिल्ली एम्स, ओपोलो, फोर्टीस व टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल मुंबई सहित बड़े शहरों के कुछ अस्पतालों में रोबोटिक सर्जरी की जा रही है।

इनके लिए कारगर
नोडल ऑफिसर डॉ. अजय हलदर ने कहा-यह सर्जरी लिवर, रीनल ट्रांसप्लांट, न्यूरोसर्जरी, हाथ-पैरों की सर्जरी के साथ गायनिक ऑकोलॉजी में फायदेमंद है।

ऐसे होती है रोबोटिक सर्जरी
परंपरागत ऑपरेशन की अपेक्षा रोबोटिक सर्जरी ज्यादा कारगर है। इसमें सर्जन की जगह रोबोटिक आर्म काम करते हैं। ऑपरेशन करने वाला डॉक्टर एक कमरे में बैठकर इलेक्ट्रॉनिक कंसोल के जरिए रोबोट को कमांड देता है। रोबोटिक मशीन के हाथ भी काफी स्किल्ड होते हैं। रोबोटिक आर्म शरीर के उन हिस्सों में पहुंचकर ऑपरेशन करते हैं जहां मानव हाथ नहीं पहुंच सकते। रोबोटिक सर्जरी में सर्जन को थ्रीडी विजन मिलता है। यह सर्जरी वर्तमान में चल रहीं लेप्रोस्कोपिक सर्जरी से काफी एडवांस है।

यह होता है फायदा
* शरीर के जटिल अंदरूनी हिस्सों में आसानी से ऑपरेशन
* पूरा ऑपरेशन एक छोटे से छिद्र से
* रक्त स्त्राव भी ना के बराबर
* थ्रीडी कैमरों से डॉक्टर उन हिस्सों मंे देख सकते हैं जहां आंखें नहीं देख सकते

* एम्स में रोबोटिक सर्जरी अगले चरण में शुरू की जाएगी। इसका सेटअप स्थापित करने को लेकर तैयारी शुरू हो गई है, जबकि स्लीप लैब इसी सप्ताह से शुरू हो रही है।
- डॉ. नितिन मधुसूदन नागरकर, डायरेक्टर एम्स