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अनोखी डिजिटल लाइब्रेरी, MP पुलिस यहां कर सकेगी कानून की पढाई

इसका उद्देश्य प्रशिक्षु पुलिस को समाजिक विज्ञान, साइबर क्राइम और लॉ की अधिक से अधिक किताबों का ज्ञान देना है। 

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sanjana kumar

May 03, 2016

,digital library,bpl,mp

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भोपाल। प्रदेश में अब ई-लाईब्रेरी का जाल बिछने वाला है। जिससे प्रदेश भर की पुलिस डिजिटल लाइब्रेरी से पढ़ाई कर सकेगी। इसमें पुलिस ट्रेनिंग के दौरान पढ़ाई जाने वाली किताबें कैंडिडेंट्स को डिजीटली उपलब्ध हो सकेंगी। इस काम के लिए मप्र पुलिस ने तैयारी शुरू कर दी है। इसकी कंट्रोलिंग भोपाल पीएचक्यू से रहेगी। इसका उद्देश्य प्रशिक्षु पुलिस को समाजिक विज्ञान, साइबर क्राइम और लॉ की अधिक से अधिक किताबों का ज्ञान देना है।

ये यूनिट और सेंटर्स होंगे कनेक्ट

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छटवीं बटालियन जबलपुर, आठवी बटालियन ग्वालियर, 13वीं बटालियन ग्वालियर शामिल हैं। इसके अलावा सात पीटीएस पुलिस ट्रेनिंग कॉलेजेस- जवाहरलाल नेहरू पुलिस अकादमी सागर, एपीटीसी इंदौर, रेडियो पुलिस ट्रेनिंग सेंटर इंदौर, एससीआरपी भोपाल, पीटीआरआई भोपाल, विशेष शाखा ट्रेनिंग स्कूल भोपाल, मोटर ट्रेनिंग स्कूल रीवा को कनेक्ट किया जाएगा। इन सेंटर्स की कंट्रोलिंग पीएचक्यू भोपाल से रहेगी।

इन किताबों का रहेगा डाटा

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प्रदेश स्तरीय लाइब्रेरी में कनेक्ट होने वाली किताबों मंे समाजिक विज्ञान, लॉ, साइबर क्राइम, फॉरेसिक साइंस, साइंस आदि की वैरायटीज और संख्या पर अधिक ध्यान दिया जाएगा। डिजिटली कनेक्ट होने वाली इन लाइब्रेरी के साथ यूनिक की लाइब्रेरी को भी अपग्रेड किया जा रहा है।

शुरू हो चुका है काम
डिजीटल लाइब्रेरी का निमार्ण सभी सेंट्र्स में शुरू हो चुका है। चूकि इसमें लाइब्रेरी का डिजीटली कनेक्ट करने का काम शुरू किया जा रहा है, एेसे में कई जिलो की पुलिस यूनिट और पुलिस ट्रेनिंग स्कूलों में प्रशिक्षु पुलिस को पढ़ाई में मदद मिल पाएगी। कई बार एेसा देखा गया है कि कई किताबों के कारण ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में कई परेशानी का सामना करना पढ़ता है। अब इससे सभी यूनिट्स की किताओं का उपयोग हर कोई कर पाएगा।

मप्र पुलिस द्वारा प्रदेश की सभी लाइब्रेरी को कनेक्ट और अपग्रेड करने का काम चल रहा है। इस साल के अंत तक इसका काम पूरा होनी की उम्मीद है। इसके लिए कई जगह काम भी शुरू हो चुका है।
-पवन जैन, एडीजीपी, पीएचक्चू, भोपाल

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