
थिंकिंग मशीन्स लैब के को-फाउंडर को CTO के पद से निकाल दिया। (PC: X/barret_zoph)
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में लीडरशिप को लेकर विवाद आते रहे हैं। हाल में एक घटनाक्रम सामने आया है, जिसने वैश्विक टेक इंडस्ट्री का ध्यान खींचा है। इसी कड़ी में थिंकिंग मशीन्स लैब के सह संस्थापक (co-founder) बैरेट जोफ को हटाए जाने के कुछ ही समय बाद ओपनएआई (OpenAI) ने उन्हें दोबारा शामिल कर लिया, जिसने कई सवाल खड़े कर दिए।
थिंकिंग मशीन्स लैब (Thinking Machines Lab) की सीईओ मीरा मुराती ने बैरेट जोफ को कंपनी से अलग करने की पुष्टि की थी। यह फैसला सामने आते ही एआई समुदाय में हलचल मच गई। रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी के भीतर भरोसे और आचार से जुड़ी चिंताएं सामने आई थीं। हालांकि, मुराती ने सार्वजनिक तौर पर सीमित जानकारी साझा की, लेकिन इतना साफ था कि नेतृत्व स्तर पर मतभेद गहरे हो चुके थे। इस फैसले से स्टार्टअप की साख और स्थिरता पर भी सवाल उठने लगे।
जोफ को हटाए जाने के लगभग एक घंटे के भीतर ही ओपनएआई (OpenAI) ने उन्हें दोबारा अपने साथ जोड़ लिया। यह वही संस्था है जहां जोफ पहले भी काम कर चुके हैं और चैटजीपीटी जैसे प्रोजेक्ट्स से जुड़े रहे हैं। ओपनएआई की यह तेज प्रतिक्रिया केवल एक नियुक्ति नहीं बल्कि एआई टैलेंट वॉर में एक स्पष्ट संदेश मानी जा रही है। कंपनी ने दिखा दिया कि अनुभवी और भरोसेमंद तकनीकी दिमाग को वह किसी भी कीमत पर खोना नहीं चाहती।
थिंकिंग मशीनस लैब ने हाल ही में अरबों डॉलर का निवेश जुटाकर खुद को ओपनएआई के विकल्प के रूप में पेश किया था। लेकिन कुछ ही महीनों में सह संस्थापकों का लगातार जाना कंपनी के लिए बड़ा झटका है। बैरेट जोफ से पहले भी अन्य प्रमुख चेहरे अलग हो चुके हैं। इससे न केवल तकनीकी दिशा प्रभावित होती है बल्कि निवेशकों और कर्मचारियों का भरोसा भी डगमगाता है।
Published on:
16 Jan 2026 06:25 pm
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