
भोपाल। खेलकूद में पिछड़ रहे स्कूलों के लिए शासन ने रणनीति में अहम बदलाव किया है। स्कूली छात्रों को तराशने ओलिंपिक में शामिल 16 प्रकार के खेलों पर फोकस किया जाएगा। व्यावहारिक ज्ञान के लिए सभी जिलों से चयनित 950 शिक्षकों को प्रशिक्षित कर मास्टर ट्रेनर बनाया जा रहा है। ये जिलों में ब्लॉक स्तर के एक लाख से ज्यादा शिक्षकों को ट्रेंड करेंगे। केंद्र के फिट इंडिया मूवमेंट से स्कूलों को मिलने वाली राशि से स्पोर्ट्स किट, उपकरण खरीदने में भी गुणवत्ता को तय किया गया है।
आलोक खरे, उप संचालक शारीरिक शिक्षा और प्रभारी, शिक्षक मास्टर ट्रेनर कार्यक्रम का कहना है कि ओलिंपिक में शामिल खेलों में से 16 के लिए मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षित हो रहे हैं। स्कूलों के प्राचार्यों और मास्टर ट्रेनर इनमें से अपने-अपने विद्यालय के लिए एक या दो खेलों का चयन करेंगे। इन्हीं में विद्यार्थियों को खेलकूद करवाना है।
एक-एक शिक्षक लेंगे
डीपीआइ सभी स्कूलों में खेलकूद गतिविधियां बढ़ाने और उपकरण खरीदी में गुणवत्ता के लिए योजनाबद्ध तरीके से बढ़ रहा है। हर स्कूल में खेल का कालखंड सैद्धांतिक रूप से है। अब उसे व्यावहारिक रूप से लागू किया जा रहा है। हर स्कूल से एक शिक्षक को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य है। राजधानी में चल रहे प्रशिक्षण में खेल विभाग, भारतीय खेल प्राधिकरण, ओलिंपिक संघ द्वारा सुझाए गए खेल संगठनों के विशेषज्ञ, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी शामिल हैं।
950 को प्रशिक्षण
योजना के प्रथम चरण में जिला स्तर पर प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल से एक-एक शिक्षक का चयन मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण के लिए किया गया। ध्यान रखा है कि वे किसी न किसी रूप में खेल गतिविधि से जुड़े रहे हों। पीटीआइ, खेल शिक्षक, उत्कृष्ट खिलाड़ी, जिला क्रीड़ा अधिकारी और प्रशिक्षित शिक्षक जैसे कुल 950 शिक्षकों का चयन किया गया है, जिन्हें राजधानी में 5 दिन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अक्टूबर 2021 के अंतिम सप्ताह से शुरू हुए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के कुल नौ सत्र आयोजित होंगे।
Published on:
10 Jan 2022 04:38 pm
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