
MP अब नहीं चलेगी अफसरी, देना होगी दौरे की रिपोर्ट, सीएम औचक करेंगे चैक
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नए सड़क मार्गों के निर्माण के साथ ही शहरी क्षेत्र में गुजरने वाली सड़कों का रखरखाव शीघ्रता से किया जाए। सड़कों की गुणवत्ता नियंत्रण के लिये जियो टेगिंग टेक्नालॉजी के माध्यम से सेम्पल चयन और गुणवत्ता का परीक्षण किया जाए। ऐसी सभी सड़कों का विस्तृत डाटाबेस तैयार करें, जिनका आगामी एक से दो वर्ष में संधारण कार्य करना आवश्यक हो। नई सड़कों के चयन में स्थानीय विधायकों के प्रस्ताव प्राथमिकता के साथ जोड़े जाएं। विभाग के वरिष्ठ अधिकारी क्षेत्र का दौरा करें तथा अपनी इंस्पेक्शन रिपोर्ट विभाग के पोर्टल पर लोड करें। इस पोर्टल को सीएम डेसबोर्ड से जोड़ा जाए, जिससे वे स्वयं भी आकस्मिक रूप से किसी भी अधिकारी की कार्य प्रगति के विषय में जान सकेंगे। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह निर्देश शनिवार को लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान दिए।
काम छोड़कर गए ठेकेदारों पर हो एक्शन -
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 100 करोड़ से अधिक की सभी परियोजनाओं का वार्षिक कैलेण्डर तैयार कर समय-सीमा में पूर्ण करें। सीएसआर रेट से कम रेट पर टेण्डर लेने वाले ऐसे ठेकेदार जो निम्न गुणवत्ता का काम करते हैं या काम छोड़कर चले जाते हैं, उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। विभागीय मंत्री प्रत्येक सोमवार को कार्य प्रगति की समीक्षा करें। मुख्यमंत्री ने पोहरी विधानसभा क्षेत्र के इन्दुरुखी पुल के बाढ़ में बह जाने की जाँच रिपोर्ट उन्हें प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।
5 बड़े शहरों के बायपास प्रस्ताव -
लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव ने बताया कि भारत-माला चैलेंज में प्रदेश के 5 बड़े शहर इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर तथा सागर की रिंग रोड/बायपास बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया। इस पर लगभग 5 हजार करोड़ रुपये की राशि खर्च की जायेगी। इन सड़कों के निर्माण के लिए प्रदेश सरकार को मात्र 50 प्रतिशत भू-अर्जन की राशि व्यय करना होगी। सड़कों का निर्माण एनएचएआई द्वारा किया जाएगा।
Published on:
09 Jan 2022 09:22 am
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