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ऑडिट करते समय रिजर्व बैंक के नियमों का करें पालन

समन्वय भवन में आईसीएआई के दो दिवसीय सेमिनार का आयोजन

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ऑडिट करते समय रिजर्व बैंक के नियमों का करें पालन

भोपाल । द इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की भोपाल शाखा का दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन समन्वय भवन में शनिवार से शुरू हुआ। सेमिनार में बैंक ऑडिट, कंपनीज अधिनियम और जीएसटी पर वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर मुख्य अतिथि राजेश कुमार ने कहा कि ब्लॉकचैन तकनीक भविष्य में बैंकों के रोजमर्रा के कामकाज पर प्रभाव डालेगी।

दिल्ली से आए चार्टर्ड एकाउंटेंट अजय जैन ने कृषि ऋण माफी योजना तथा लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों में बढ़ती ऋण संबंधित समस्याओं का बैंकों पर होने वाले प्रभाव तथा उससे संबंधित रिपोर्टिंग आवश्यकताओं पर बात की। उन्होंने कहा कि ऑडिट करते समय सीए अपना ध्यान विभिन्न कानूनों और नियमों के परिपालन पर केन्द्रित रखें। गलती भी मिलती है तो उसकी रिपोर्टिग करने में कोई कंजूसी नहीं बरते। भोपाल शाखा के अध्यक्ष सीए मयंक अग्रवाल ने समाज में सीए से बढ़ती अपेक्षा तथा बैंक ऑडिट की प्रक्रिया में बढ़ती जिम्मेदारियों के बारे में बताया।

फाइलिंग पर हो फोकस
बड़ौदा से आए सीए नयन कोठारी ने सीए के समक्ष बैंक ऑडिट से जुड़े कुछ अहम मुद्दों पर प्रकाश डाला। उन्होंने ऑडिट से संबंधित भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए किस तरह सीए अपने दायित्व का निर्वहन कर सकते हैं, यह भी बताया। सीए अभय छाजेड़ ने अंकेक्षण में प्रलेखन के महत्व से सभी लोगों को अवगत कराया। बैंक ऑडिट करते समय दस्तावेज किस प्रकार बनाए तथा प्रस्तुत किए जाने चाहिए, सहज तरीके से समझाया।