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सतपुड़ा-विंध्याचल भवन में अधिकारी मनमानी से करा रहे थे घटिया काम, अब लगेगी रोक

अब सिर्फ लोक निर्माण विभाग से कराए जा सकेंगे रिनोवेशन और बिजली संबंधित काम

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भोपाल। सतपुड़ा भवन में आगजनी की घटना के बाद भी अधिकारी अपनी मनमर्जी से बाज नहीं आ रहे। घटना के बाद भी अधिकारी अपने विभागों में मनमर्जी से एसी और अन्य केबलिंग का काम कर रहे हैं। हाल ही में उद्योग विभाग में एसी लगाने का काम बिना लोक निर्माण विभाग को सूचना दिए कराया जा रहा था, इस दौरान एमसीबी में स्पार्क हो गया। घटना के बाद लोक निर्माण विभाग ने उद्योग विभाग को पत्र भी लिखा था। इस तरह की घटनाओं को देखते हुए सामान्य प्रशासन विभाग ने एक आदेश जारी कर विंध्याचल, सतपुड़ा और वल्लभ भवन में किसी भी काम की पूरी जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को दे दी है।

चार सदस्यीय कमेटी बनाई गई

तीनों ही इमारतों में किसी भी प्रकार का काम की मंजूरी देने के लिए चार सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। कमेटी में सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव, लोक निर्माण विभाग के साथ संबंधित विभाग के प्रमुख सचिव को सदस्य तथा प्रशासक राजधानी परियोजना को संयोजक सदस्य बनाया गया है। यहां किसी भी तरह के निर्माण, इलेक्ट्रीकल काम कराने के लिए इस कमेटी से स्वीकृति लेना होगी। कमेटी को लगता है कि ये काम गैरजरूरी है तो इसे निरस्त कर दिया जाएगा। जरूरी काम भी सिर्फ लोक निर्माण विभाग ही करेगा। बाजार से काम कराने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।

137 करोड़ से होगा दोनों इमारतों में काम
लोक निर्माण विभाग 137 करोड़ की लागत से विंध्याचल और सतपुड़ा भवन में काम होंगे। सतपुड़ा के साथ-साथ विंध्याचल भवन में भी अग्निशमन प्रणाली स्थापित की जाएगी। केंद्रीयकृत वातानुकूलन प्रणाली, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, वर्षा जल संग्रहण प्रणाली, सीसीटीवी और भवन प्रबंधन के लिए कमांड एंड कंट्रोल रूम की स्थापना होगी। सतपुड़ा में 1500 केवीए और विंध्याचल में 2500 केवीए का लोड है। लगातार एसी की संख्या बढ़ने लोड भी बढ़ रहा है। इमारतों में अब तक तीन फेस में बैलेंस लोड भी नहीं था, वायरिंग भी अधिकांश जगह एल्युमिनियम की थी। यहां नए सिरे से लिफ्ट लगाने, दोनों इमारतों में केबलिंग, पैनल लगाने के काम भी होंगे।

43 करोड़ का होगा सिविल वर्क
वल्लभ भवन की तरह इन भवनों के बाह्य स्वरूप का उन्नयन किया जाएगा। सिविल वर्क पर करीब 43 करोड़ खर्च होंगे। यहां पार्किंग और इमारतों में इंट्री को बेहतर बनाने पर काम होगा। सतपुड़ा में आग लगने पर फायर बिग्रेड़ की गाडि़यों को आग बुझाने में काफी परेशानी आई थी, इस हिसाब से बाहरी हिस्से में सुधार किए जाएंगे।