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चोरी के बाद फोन पर पत्नी को देता है चोरी की अपडेट

विभा मिश्रा स्मृति नाट्य समारोह में नाटक # भोला का मंचन

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चोरी के बाद फोन पर पत्नी को देता है चोरी की अपडेट

भोपाल। विभा मिश्रा स्मृति नाट्य समारोह का मंगलवार को समापन हो गया। अंतिम दिन नाटक # भोला का मंचन हुआ। नाटक का निर्देशन निर्देशिका मृदुला भारद्वाज ने किया है। नाटक की मूल कहानी 19वीं शताब्दी में इटली के लेखक डोरियो फो की द वर्चुअल बुगलर की लिखी है। अंग्रेज भाषा में कई देशों में इसके सैकडों शो हुए हैं। इसका हिंदी रुपांतरण पंकज रामेंदु ने किया है। हास्य और व्यंग्य से सजी एक घंटे पंद्रह मिनट की इस कहानी में 6 कलाकारों ने ऑनस्टेज परफॉर्म किया है। नाटक की मूल कहानी में किरदार का कोई रूप नहीं है। डायरेक्टर ने नाटक में उसे नेता के रूप में प्रस्तुत किया है।

नाटक की कहानी एक नेता के घर से शुरू होती है। उसके घर में एक चोर घुस जाता है। वह पत्नी को फोन पर बात कर हर पल की अपडेट देता रहता है। अचानक नेता अपनी गर्लफ्रेंड के साथ घर में आ जाता है। चोर वहां फोन छोड़कर चला जाता है। पत्नी का फोन नेता उठा लेता है। वह उसे बताता है कि तुम्हारी पति तुम्हारी केयर नहीं करता है। अचानक चोर बाहर आ जाता है।

कॉमेडी के जरिए बताई समाज की हकीकत

नेता को लगता है कि वह पत्नी का जासूस है। तभी वहां नेता की पत्नी भी आ जाती है। नेता खुद को बचाने के लिए दोनों को दोस्त के रूप में मिलाता है। चोर अपनी पत्नी का फोन नहीं उठाता, उसकी पत्नी भी वहां पहुंच जाती है। पत्नी को शक होता देख नेता कहता है कि उसका पहली पत्नी से तलाक हो चुका है। यह दूसरी पत्नी है। पांचों के बीच उधेड़बुन चल रही होती है इतने में नेता की पत्नी का बॉयफ्रेंड भी वहां आ जाता है। जो नेता की गर्लफ्रेंड का पति होता है। सभी अपना बचाव करने के लिए चोर की मदद लेने लगते हैं। मौका पाकर चोर वहां से भाग जाता है।

केरल फंड का डिब्बा भी खा गया नेता
मृदुला का कहना है कि सेट को मिनिमलिस्टिक रखा गया है। बेसिक चीजों को ही मंच पर प्रापर्टीज के तौर पर रखा गया है। सेट पर एक डिब्बा रखा है जो केरल रिलिफ फंड का होता है। नेता इसे भी अपने घर ले जाता है। वर्तमान की राजनीति पर हर नेता भी बहुत बड़ा चोर होता है... और तुम भूलो मत कि मैं नेता हूं हम तय करते हैं कौन सी चीज पर कब कंट्रोवर्सी करना है... जैसे डॉयलॉग्स से कटाक्ष किया गया।