लॉकडाउन में ऑनलाइन कंपनियां हुई फैल, गली-मोहल्ले की दुकानें बनीं 'संजीवनी'

गली-मोहल्ले के कुछ दुकानदार ऐसे भी हैं, जो इस मुश्किल की घड़ी में अपना जी जान लगाकर लोगों को जरूरी चीजें मुहैय्या करा रहे हैं। पत्रिका ने इन लोगों को 'संकट का साथी' नाम दिया है।

By: Faiz

Published: 18 Apr 2020, 01:11 PM IST

भोपाल/ मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस को लेकर लगातार हालात बिगड़ते जा रहे हैं। सरकार और प्रशासन इसपर सख्त है। लोगों से लॉकडाउन का पालन कराने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। क्योंकि, जितना हम सोशल डिस्टेंस को मेंटेन रखेंगे, उतना ही इस तेजी से फैल रहे संक्रमण को रोकने में कामयाब हो सकेंगे। ल़कडाउन के दौरान जहां एक तरफ ऑनलाइन सामान की होम डिलिवरी करने में बड़ी बड़ी कंपनियां विफल नजर आ रही हैं। ऐसे में कुछ दुकानदार ऐसे भी हैं, जो इस मुश्किल की घड़ी में अपना जी जान लगाकर लोगों को जरूरी चीजें मुहैय्या करा रहे हैं। पत्रिका ने इन लोगों को 'संकट का साथी' नाम दिया है। आइये जानते हैं कुछ खास संकट के साथियों के बारे में...।

 

पढ़ें ये खास खबर- 60 साल के हेड कॉन्सटेबल ने पैदल 16 दिन में तय किया 500 किमी का सफर, सिर्फ दो दिन ही मिला खाना


गली मोहल्ले की दुकानें बनी संकट मोचक

लॉकडाउन के दौरान किराना और जरूरी सामान की किल्लत से जूझ रहे शहरवासियों के लिए अपने मोहल्ले और गलियों में दुकान चलाने वाले संकट मोचक बनकर उभरे हैं। घर बैठे ऑर्डर कर ऑनलाइन सामान मंगाने वाले भी इन्ही रिटेल शॉप्स या स्टोर्स से सामान खरीद रहे हैं। ये बदलाव पिछले करीब एक माह से देखने में आ रहा है। लॉकडाउन के दौरान उपभोक्ताओं को जरूरत का सामान उपलब्ध कराने वाले व्यपारियों एवं उनके संगठनों का कहना है कि, ऑनलाइन कंपनियां इस संकट के समय में आगे क्यों नहीं आ रही? जैसे-तैसे स्थानीय बाजार से उपभोक्ताओं को सामान की आपूर्ति हो रही है।

 

पढ़ें ये खास खबर- CM शिवराज का बड़ा ऐलान : जल्द ही कोरोना पर होगी जीत, प्रदेशभर में जारी है ये व्यवस्था


20 फीसदी स्थानीय बाजार पर पड़ा ऑनलाइन कंपनियों का असर

एक अनुमान के नुताबिक, पिछले कुछ सालों से परंपरागत स्थानीय बाजारों का 20 फीसदी बाजार ऑनलाइन कंपनियों के माध्यम से होने लगा। इससे स्थानीय बाजार में मांग घटी है। भोपाल शक्कर एसोसिएशन के सचिव कृष्णकुमार बंगड़ का कहना है कि, लॉकडाउन के दौरान स्थानीय थोक, रिटेल शॉपवाले ही जनता की सेवा कर रहे हैं। लोगों को जरूरत का सामान पास की दुकानों से ही खरीदना पड़ रहा है।

news

सामान लेने के लिए दुकानों में घुसे

एक दिन पहले ही प्रशासन ने व्यापारियों को ऐसी एजेंसियों को किराना सामान उपलब्ध कराने की अनुमति दी थीजो घर घर तक सामान पहुंचा सकें। लेकिन, आदेश के दूसरे ही दिन शनिवार को स्थानीय हनुमानगंज-जुमेराती थोक बाजारों में सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए और अपने घरों के लिए सामान खरीदने लगे। व्यवसाइयों ने भी मौके का फायदा उठाकर ग्राहकों को सामान उपलब्ध करा दिया।ये काम सुबह 6 से 9 बजे तक चला। इसके बाद पुलिस ने दुकान बंद करवा दीं। दोपहर बाद फिर सामान लेने के उद्देश्य से कई ग्राहक वाहनों से बाजार पहुंच गए। हालांकि, दुकानें बंद होने के चलते वो मायूस होकर वापस लौट गए।

 

पढ़ें ये खास खबर- कोरोना संक्रमितों की इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए लगाया जाएगा खास इंजेक्शन, यहां से होगी शुरुआत

 

की जाती रही है मांग

केंद्रीय उपभोक्ता मंत्रालय के मुताबिक, देश में जिस तेजी से ऑनलाइन बाजार बढ़ रहा है। उसी तेजी से भी उनके खिलाफ शकायतें भी बढ़ रही हैं। वित्त वर्ष 2017-18 में ई कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ शिकायतों में 42 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी। व्यापारिक संगठन कैट ने ऑनलाइन बाजार का हमेशा विरोध किया है। क्योंकि, इन कंपनियों ने परंपरागत बाजारों का काफी हिस्सा अपने कब्जे में ले लिया है।

 

पढ़ें ये खास खबर- रातभर करते हैं सामान की पैकिंग, लॉकडाउन का पालन कराने सुबह से खुद करते हैं होम डिलिवरी


ऑनलाइन के कारण 20 फीसदी गिरास्थानीय बाजार

कैट के उपाध्यक्ष राधेश्याम महेशवरी ने बताया कि, ऑनलाइन कंपनियों के कारण हमारा करीब 20 फीसदी बाजार कम हो गया है। कैट ने सरकार से हमेशा मांग की है कि, इन कंपनियों के आने से परंपरागत बाजारों का अस्तित्व संकट में आ जाएगा। आज जब कोरोना संकट बना हुआ है, तब उपभोक्ताओं की सेवा रिटेल शॉप मोहल्ले की किराना दुकानों के माध्यम से ही हो रही है।

 

पढ़ें ये खास खबर- लॉकडाउन 2 में रहेगी ज्यादा सख्ती, इन दुकानों पर मिलेगा जरूरत का सामान


सेवाएं नहीं दे पा रही हैं ऑनलाइन कंपनियां

मध्य प्रदेश कंज्यूमर डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील जैन के मुताबिक, आज मोहल्ले की दुकान से ही लोगों की जरूरत के सामान की आपूर्ति हे पा रही है। ऑनलाइन कंपनियां लॉकडाउन में अपनी सेवाएं नहीं दे पा रही हैं। जनता का भरोसा परंपरागत बाजारों पर ही है।

MP/CG लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned