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शहर में पले हैं हजारों कुत्ता,बिल्ली और गाय, रजिस्ट्रेशन महज 550

भोपाल में स्ट्रीट डॉग के साथ ही पालतू कुत्ते भी बड़ी समस्या हैं। सड़कों पर गंदगी फैलाने के अलावा यह कई बार पड़ोसियों और राहगीरों के लिए मुसीबत का कारण बन जाते हैं। शनिवार को जर्मन कुत्ते की प्रजाति रोटवेईलर के हमले में एक बच्ची बुरी तरह से घायल हो गयी थी।

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भोपाल। स्ट्रीट डॉग के साथ ही पालतू कुत्ते भी बड़ी समस्या हैं। सड़कों पर गंदगी फैलाने के अलावा यह कई बार पड़ोसियों और राहगीरों के लिए मुसीबत का कारण बन जाते हैं। शनिवार को जर्मन कुत्ते की प्रजाति रोटवेईलर के हमले में एक बच्ची बुरी तरह से घायल हो गयी थी। इस मामले में अभी तब पेट मालिक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। क्योंकि निगम ने अभी तक पशुओं के अनिवार्य पंजीकरण का नियम ही लागू नहीं किया है।
सिर्फ 550 का ही रजिस्टे्रशन
2019 की जनगणना के अनुसार राजधानी में करीब 10,000 पालतू कुत्ते हैं। हालांकि नगर निगम में महज ५५० कुत्तों का ही रजिस्टे्रशन है। इसके अलावा करीब दो लाख आवारा कुत्ते हैं। इनकी नशबंदी पर हर साल लाखों के खर्च के बाद भी इनकी आबादी नियंत्रित नहीं हो पा रही।
नया नियम लागू नहीं
मप्र में शहरी सीमा में पालतू जानवरों के पालने पर सात दिन के भीतर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। मप्र नगर पालिका (आवारा जानवरों का पंजीकरण और उचित नियंत्रण) नियम 2023 मार्च से लागू है। लेकिन निगम में इस पर कोई अमल नहीं हो रहा है। नए नियम के तह शहरी क्षेत्र में कुत्ते, बिल्ली, गाय, बैल, भैंस के साथ-साथ अन्य पशु पालने वालों को रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके लिए सालाना शुल्क भी अदा करना होता है। रजिस्ट्रेशन के बाद हर पशु के लिए पहचान चिन्ह जारी करने का भी नियम है। इसके बाद पालतू पशु आवारा घूमता पाया गया तो नोटिस के साथ जुर्माना भरना होता है। पंजीयन नगर निगम में होता है। रजिस्ट्रेशन न होने पर प्रतिदिन रजिस्ट्रेशन शुल्क के 10 प्रतिशत की दर से हर्जाना का नियम है।
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किसके लिए कितना रजिस्टे्रशन शुल्क पेनाल्टी पहली बार दूसरी बार
कुत्ता -150 रुपए वार्षिक- नवीनीकरण शुल्क 50 रुपए १००-२०० रुपए
गाय,बैल-200 रुपए-नवीनीकरण शुल्क 100 रुपए २००-५०० रुपए
अन्य पशु-50 रुपए-रजिस्ट्रेशन शुल्क 50 रुपए १००-२०० रुपए
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पेट मालिकों के लिए यह नियम
-सार्वजनिक सड़क या सार्वजनिक स्थल पर कुत्ते को ले जाने पर उसका मुंह बंधा होना चाहिए। हैंडलर उसे जंजीर या पट्टे से बांधे रखे।
-ऐसे किसी भी जानवर मालिक के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी जा सकती है जो खुले में खतरनाक तरीके से घूम रहा हो।
-पालतू जानवर का पंजीकरण नहीं है तो पंजीकरण शुल्क का 10 गुना जुर्माना देना होगा।
-मांगे जाने पर पालतू पशु के संबंध में पशु चिकित्सक द्वारा जारी प्रमाण पत्र दिखाना होगा। जिसमें जानवर के किसी भी संक्रामक बीमारी से ग्रस्त न होने का जिक्र हो।
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शनिवार को हुई डॉग बाइट की घटना में एएचओ से रिपोर्ट मांगी गयी है। नगर निगम ने पेट मालिक को कोई नोटिस नहीं दिया हैं। इस मामले में पीडि़त पक्ष को संबंधित थाने में एफआइआर करानी चाहिए।
डॉ.एसके श्रीवास्तव,वेटनरी चिकित्सक नगर निगम