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बैंक मैनेजर से ’57 लाख’ की ठगी, खातों में बैलेंस हुआ ‘जीरो’

Cyber crime: ठग झांसे में लेने के लिए पहले एक मोबाइल ऐप डाउनलोड करवाया। इसके बाद दो अलग-अलग ऑनलाइन खाते खुलवाए।

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Cyber crime प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- freepik)

Cyber crime प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- freepik)

Cyber crime:एमपी के भोपाल शहर में लगातार जागरूकता अभियानों के बावजूद साइबर ठग नए-नए तरीके से लोगों को निशाना बना रहे है। साल की शुरुआत से लेकर राजधानी में ठगी के कई मामले दर्ज किए है। ऐसा ही एक मामला मिसरोद थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर पंकज श्रीवास्तव से 57 लाख की ठगी की गई। शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

अलग-अलग खुलवाए खाते

उन्होंने बताया कि ठग झांसे में लेने के लिए पहले एक मोबाइल ऐप डाउनलोड करवाया। इसके बाद दो अलग-अलग ऑनलाइन खाते खुलवाए। एक खाते में निवेश की रकम जमा करवाई जाती थी, जबकि दूसरे खाते में मुनाफा बढ़ता दिखाया जाता था। इस प्रक्रिया से विश्वास हो गया कि उनका पैसा सुरक्षित है और उन्हें अच्छा मुनाफा मिल रहा है।

ऐसे आए झांसे में

मिसरोद थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार ने बताया कि सलैया निवासी पंकज श्रीवास्तव बैंक से मैनेजर पद से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने बताया कि दिसंबर माह में उन्हें एक परिचित के जरिए शेयर ट्रेडिंग से जुड़ा एक मोबाइल नंबर मिला था। तभी उस नंबर पर संपर्क किया, जहां सामने वाले युवक ने खुद को ऑनलाइन शेयर बाजार का जानकार बताते हुए निवेश पर मुनाफे का भरोसा दिलाया।

खातों में शून्य हुआ बैलेंस

पंकज श्रीवास्तव ने अलग-अलग किश्तों में कुल 57 लाख रुपए निवेश खाते में ट्रांसफर कर दिए, लेकिन जब ठग ने आगे निवेश करने से मना किया और अपने पैसे निकालने की कोशिश की। इसके बाद दूसरे दिन दोनों खातों में बैलेंस शून्य दिखाई देने लगा। जब आरोपियों से संपर्क करने का प्रयास किया, तो पहले उपयोग किए सभी मोबाइल नंबर बंद मिले।

तभी ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने तत्काल साइबर क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई, जहां जीरो एफआइआर दर्ज कर केस मिसरोद थाना स्थानांतरित किया। मिसरोद थाना प्रभारी रतनलाल सिंह परिहार ने बताया कि मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।