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अगर आपको भी है ‘ऑस्टिओपोरोसिस’ है तो घबराएं नहीं, करें ये काम

अगर आपको भी है 'ऑस्टिओपोरोसिस' है तो घबराएं नहीं, करें ये काम

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Osteoporosis

Osteoporosis

भोपाल। यदि आपके डॉक्टर ने आपसे यह कहा कि आपकी हड्डियां कमजोर हो गई है एवं आने वाले समय में आपको ऑस्टिओपोरोसिस हो सकता है तो ऐसे में किसी इंजरी से घबराकर आप फिजिकल एक्सरसाइज करना बंद न कर दें। फिटनेस एक्सपर्ट्स नेहा केडारे के अनुसार यदि वेट बर्निंग एक्सरसाइज की जाए तो इससे न केवल हड्डियां मजबूत बनेंगी, बल्कि पूरे शरीर की मांसपेशियों को भी ताकत मिलेगी। इस तरह आपका शरीर भी लचीला बनेगा एवं फ्रेक्चर या अन्य तरह की इंजरी का खतरा भी कम हो जाएगा। आज हम आपको ऐसी ही एक्सरसाइज के बारे में बताने जा रहे हैं, जो मसल्स मास को स्ट्रेंथ देने का काम करेगी परंतु एक बार चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।

थाई-ची एक्सरसाइज

हड्डियों की मजबूती के लिए थाई-ची बहुत अच्छी एक्टिविटी है। बॉडी बैलेंस के लिए भी यह एक्सरसाइज बहुत उपयोगी है लेकिन थाई-ची एक्सरसाइज किसी प्रशिक्षक की देख-रेख में ही शुरू करनी चाहिए।

पिंग-पांग एक्टिविटी

पिंग-पांग बहुत ही अच्छी इंडोर एक्टिविटी है। ऑस्टिओपोरोसिस का खतरा है तो इस खेल को डबल्स में ही खेलें, ताकि आपको खेल के दौरान ज्यादा भाग-दौड़ न करनी पड़े। वजन कम करने के लिए यह अच्छा खेल है।

योग को न करें नजरअंदाज

योगासन से संपूर्ण स्वास्थ्य लाभ मिलता है। यदि आपकी हड्डियां कमजोर हैं तो यह एक्सरसाइज फायदेमंद हो सकती है। प्रशिक्षक की देख-रेख में योग करें। लचीलापन बढऩे से फ्रैक्चर का खतरा कम होगा।

रोजाना वॉक करें

हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनने के लिए वॉक करना बहुत जरूरी है लेकिन वॉक शुरू करने से पहले आपका अपने पैरों के अनुसार सही माप के जूते पहनना जरूरी है। इससे एड़ी एवं टखनों को सपोर्ट मिलेगा। ढलान वाली जगह पर वॉक न करें। सर्दियों और बारिश के दिनों में घर के अंदर ही वॉक करनी चाहिए। इस मौसम में फिसलने या चोट लगने का खतरा ज्यादा रहता है। इंटोर वर्कआउट का एप भी डाउनलोड कर सकते हैं।

साइक्लिंग करें

इस एक्सरसाइज को आप जिम में ही करें। हालांकि यह वेट बर्निंग एक्सरसाइज नहीं है लेकिन इससे जोड़ों को मजबूती मिलेगी। साथ ही कार्डियोवैस्कुलर लाभ भी मिलेंगे। साइक्लिंग के समय बॉडी पॉश्चर ठीक रखें।