
panchayat karmi strike
भोपाल। मध्यप्रदेश की 23 हजार से अधिक पंचायतों में 20 मार्च से कामकाज थम सकता है। प्रदेशभर की इन पंचायतों के कर्मचारी तालाबंदी कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने वाले हैं। पंचायत कर्मी राजधानी सहित अपने-अपने जिले के मुख्यालय पर भूख हड़ताल भी करेंगे। लोगों को पंचायत स्तर पर अपने जो भी काम हो, वो पहले ही निपटा लेना चाहिए।
मध्यप्रदेश की पंचायतों के कर्मचारी 7वें वेतनमान सहित कई मांगों को लेकर बड़े आंदोलन के मूड में है। मध्यप्रदेश पंचायत सचिव संगठन ने पूरे प्रदेश में 20 मार्च से हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश शर्मा के मुताबिक शिवराज सरकार ने दो साल पहले मिले आश्वासन को आज तक पूरा नहीं किया गया है। जुलाई और अगस्त 2021 में हमने एक माह तक पूरे प्रदेश में आंदोलन किया था।
10 अगस्त 2021 को शिवराज सरकार की ओर से मांगों को पूरा करने के आदेश जारी करने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक पंचायत सचिवों की मांगों पर काम नहीं किया गया। यहां तक कि अब तक एक भी मांग को तवज्जो नहीं दी गई। इसे लेकर पूरे प्रदेश की 23 हजार से अधिक पंचायतों के कर्मचारी नाराज हैं। इस बार उन्होंने मांगे पूरी होने तक हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। यह हड़ताल 20 मार्च से शुरू हो जाएगी।
पंचायत सचिवों के संगठन ने ऐलान किया है कि प्रदेश के पंचायत सचिव 20 मार्च से अर्जित अवकाश पर रहेंगे। इसमें 14 दिन का प्रावधान है। संगठन के पदाधिकारियों ने यह भी बताया कि पंचायत सचिव लाडली बहना योजना का भी बहिष्कार करने वाले हैं। संगठन का दावा है कि उनकी चरणबद्ध हड़ताल से पूरे प्रदेश की पंचायतों का कामकाज ठप्प हो जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष शर्मा के मुताबिक सचिवों को पिछले 5 माह का वेतन नहीं दिया गया। इस मांग के लिए भी भोपाल में जब कर्मचारी जुटे ते प्रदर्शन की परमिशन एन वक्त पर कैंसिल कर दी गई।
यह हैं मांगें
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Updated on:
17 Mar 2023 04:26 pm
Published on:
17 Mar 2023 04:21 pm
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