
body sweating
भोपाल। गर्मी में पसीना आना वैसे तो बहुत ही आम बात है लेकिन कई बार देखा जाता है कि बिना किसी कारण के हमें नॉर्मल से बहुत ज्यादा पसीना आने लगता है जिसे आमतौर पर लोग इग्नोर कर देते हैं। अगर आपको भी ज्यादा पसीना आता है तो इसे बिल्कुल भी इग्नोर ना करें क्योंकि ये आपके लिए किसी बड़ी बीमारी का संकेत हो सकता है। कई बार ये बीमारी गंभीर रूप भी ले लती है। जानिए डॉ. विनय खुराना से पसीने से जुड़ी बीमारियों के लक्षण..........
- जब लोगों में ज्यादा पसीना निकलता है तो यह बीमारी का रूप ले लेती है जिसे हाईपरहाईड्रोसिस कहते हैं।
- अगर बिना वर्कआउट किए ही आपको ज्यादा पसीना आता है और आपकी स्किन में चिपचिपापन महसूस होता है तो आपको हार्ट से जुड़ी प्रॉब्लम हो सकती है। इसके अलावा ज्यादा पसीना निकलना थायरॉइड का भी इशारा हो सकता है।
- अगर आपको ठंड के मौसम में भी ज्यादा पसीना आता है तो ये कैंसर का लक्षण हो सकता है।
- गर्मी के कारण पसीना आना तो नॉर्मल है लेकिन जब ये पसीना ज्यादा आने लगे तो ये हीट स्ट्रोक के भी लक्षण हो सकते हैं।
- कई बार डिप्रेशन होने के कारण आर्मपिट में मौजूद एपोक्राइन ग्लैंड्स से पसीना निकलता है। इसमें फैट और प्रोटीन के साथ बैक्टीरिया मिलकर अलग तरह की बदबू पैदा करते हैं।
- जब बॉडी में इंफेक्शन हो जाता है तो बॉडी में मौजूद पसीने वाले ग्लैंड्स एक्टिव हो जाते हैं और बदबूदार पसीना निकलता है।
- महिलाओं में प्रेग्नेंसी के दौरान हार्मोंस, मेटाबॉलिज्म और ब्लड सर्कुलेशन में होने वाले बदलाव के कारण उन्हें गर्मी ज्यादा लगने लगती है जिसके कारण पसीना ज्यादा आता है। इसके अलावा बढ़ती उम्र के साथ आने वाले मेनोपॉज के कारण भी महिलाओं में ज्यादा पसीने की समस्या देखी जाती है।
ये हैं इन बीमारियों से बचने के उपाय
- बोटॉक्स : ये इलाज हाइपरहाइड्रोसिस से छुटकारा पाने के लिए किया जाता है। इसके लिए बोटुलिनम टॉक्सिन का इंजेक्शन लगाया जाता है जिससे पसीने के लिए जिम्मेदार वेन्स काम करना बंद कर देती हैं । आपको बता दें कि ये ट्रीटमेंट करवाने से चार महीने से इस समस्या से राहत मिल जाती है।
- एंटीपर्सपिरेंट : जब ज्यादा पसीना आने लगे तो इस पर काबू पाने के लिए एंटी-पर्सपिरेंट का इस्तेमाल किया जाता है। इस ट्रीटमेंट से ज्यादा पसीने की समस्या से राहत मिल जाती है लेकिन आपको बता दें कि इससे आपको खुजली की शिकायत हो सकती है।
- ईटीएस (एंडोस्कोपिक थोरेसिस सिंपैथेक्टोमी): ये ट्रीटमेंट उन मरीज़ों के लिए किया जाता है जिनकी हथेलियों पर बहुत ज्यादा पसीना आता है। इसके अलावा ऐसे लोगों को चेहरे पर भी ज्यादा पसीने की शिकायत होती है।
- दवाइयां : ट्रीटमेंट लेने के अलावा मार्केट में बहुत सी दवाएं भी हैं जो कि ज्यादा पसीने की समस्या को दूर कर सकती है जैसे कि ग्लाइकॉपीरोलेट, आदि। इन दवाओं से पसीने की समस्या तो दूर हो जाती है लेकिन इससे आपको ड्राई माउथ और चक्कर जैसे समस्या का सामना करना पड़ सकता है। ध्यान रखें कि बिना अपने डॉक्टर की सलाह के कोई भी ट्रीटमेंट या कोई भी दवा ना लें क्योंकि ये आपके लिए हानिकारक भी हो सकता है।
Published on:
24 Jul 2019 02:08 pm
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