24 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Bhopal Aiims: हार्ट ट्रांसप्लांट के 12 घंटे बाद मरीज की मौत

Bhopal Aiims: हृदय प्रत्यारोपण से जगी नया जीवन मिलने की उमीद के बीच प्रत्यारोपण की जटिलताओं ने मरीज की जिंदगी छीन ली। हृदय प्रत्यारोपण के 12 घंटे बाद गुरुवार सुबह करीब चार बजे के उसकी मौत हो गई।
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भोपाल

•

image

Avantika Pandey

•

Updated: 30 May 2025, 8:51 AM IST

Bhopal Aiims

हार्ट ट्रांसप्लांट के 12 घंटे बाद मरीज की मौत (फोटो सोर्स: @AIIMSBhopal)

Bhopal Aiims: हृदय प्रत्यारोपण से जगी नया जीवन मिलने की उमीद के बीच प्रत्यारोपण की जटिलताओं ने मरीज की जिंदगी छीन ली। हृदय प्रत्यारोपण के 12 घंटे बाद गुरुवार सुबह करीब चार बजे के उसकी मौत हो गई। भोपाल एस में यह दूसरा हार्ट ट्रांसप्लांट था। प्रत्यारोपण करने वाली डॉक्टरों के अनुसार एक्यूट रिजेक्शन सिंड्रोम के कारण मरीज की मौत हुई।

डॉक्टरों का कहना है कि ऐसी घटना ट्रांसप्लांट वाले 30 प्रतिशत मरीजों के साथ होती है। डॉक्टरों के अनुसार बुधवार दोपहर करीब 12 बजे रिसीवर मरीज में ब्रेन डेड शंकरलाल कुबेर का हृदय प्रत्यारोपण शुरू हुआ दो बजे पूरा हो गया। सर्जरी के कुछ देर बाद ही हार्ट काम शुरू करने लगा था।

ये भी पढ़े - ब्रेन डेड मरीज ने बचाई तीन जिंदगियां, हार्ट-किडनी किए गए ट्रांसप्लांट

4 बजे सुबह मौत

इसके बाद मरीज को ओटी में ही अबजर्वेशन करने के लिए रखा गया, जहां रात के आठ बजे मरीज का शरीर प्रत्यारोपित हृदय को स्वीकार नहीं करने और हृदय पर इयूनिटी अटैक करने का संकेत देने लगा। डॉक्टरों ने रिजेक्शन की गति कम करने और इयूनिटी को कमजोर करने के लिए इलाज शुरू किया, लेकिन रात के 12 बजे मरीज की स्थिति खराब होने लगी और 4 बजे सुबह मौत हो गई।

शंकर लाल कुबरे का हुआ था अंगदान

शंकर लाल कुबरे 24 मई को सड़क हादसे में घायल हुए थे। उन्हें इलाज के लिए एम्स,भोपाल लाया गया। सोमवार रात उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। इसके बाद कुबरे के दोनों बेटों, बेटी और उनकी पत्नी ने अंगदान के लिए कहा। पत्नी ने कहा था-मेरे पति जाते-जाते किसी की जिंदगी बचा रहे हैं, तो यह गर्व की बात है।