
राजधानी में खुला प्रदेश का पहला बर्ड वाचिंग पैराडाइज
भोपाल। वन विहार नेशनल पार्क में पर्यटकों को प्रदेश का पहला बर्ड वाचिंग पैराडाइज सेंटर देखने को मिलेगा। यहां अलग-अलग प्रजाति के पक्षियों के घोसले रखे गए हैं। वन विहार अफसरों के अनुसार इस सेंटर को तीन हिस्से में बंटा है। पहले में पक्षियों के बारे में जानकारी देने डिस्पले बोर्ड लगाए हैं, जिसमें पक्षियों की प्रजाति, नेचर और हैबिट्स की जानकारी डिस्प्ले होगी।
दूसरे हिस्से में रहन-सहन और तीसरे में इनके घोंसले हैं। इससे पर्यटकों को पक्षियों के बारे में जानकारी के साथ ही उन्हें जागरूक भी किया जाएगा। यहां माइग्रेट्री बर्ड्स के अलावा विभिन्न प्राजातियों के पक्षियों के बारे में जानकारी विशेषज्ञ देंगे।
तरह- तरह के बनाए जाएंगे घोंसले
मैदानी घोंसले : टिटहरी, मोर, तीतर, बटेर जैसे पक्षी जमीन खोदकर, उसमें घास-फूस बिछाकर, घोंसला तैयार कर लेते हैं।
गुच्छेनुमा घोंसले : कुछ पक्षी घास-फूस को इकट्ठे कर उस पर अंडे देते हैं। इस प्रकार के घोंसले गौरेया, मैना और बगुले बनाते हैं।
टहनियों के घोंसले : कुछ पक्षी पतली टहनियों को इकट्ठा करके घोंसला बनाते हैं। ऐसे घोंसले अधिक ऊंचाई पर होते हैं। कौवे तो इनमें लोहे के तार व कांच के टुकड़ों का भी उपयोग करते हैं।
घास के कपनुमा घोंसले : कुछ पक्षी पतली टहनियों से कप की आकृति के घोंसले बनाते हैं, जैसे-पैराडाइज फ्लायकैचर (दूधराज), फाख़्ता और आयोरा आदि।
पेंडुलम घोंसले : यह घोंसला लटका हुआ होता है। घास-फूस की मदद से बड़ी ही कुशलता से बनाया गया होता है।
पेड़ों पर टंगे हैं आर्टिफिशियल घोंसले
सेंटर के अंदर आर्टिफिसियल घोंसले पेड़ों पर रखे हैं। इसे डिस्पले सेंटर नाम दिया गया है। आमतौर पर लोगों को घर के आस-पास आने वाले पक्षियों के बारे में जानने की उत्सुकता होती है। इस सेंटर में पक्षियों के जीवन के बारे में समझने और उन्हें बचाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। ऐसे 100 से अधिक घोंसले बना रहे हैं।
जिम्मेदार बोले...
- वन विहार में बर्ड वाचिंग सेंटर बनाया जा रहा है, जिसका शुभारंभ कर दिया गया है। सेंटर में पर्यटकों को विभिन्न प्रकार के पक्षियों के रहन-सहन के बारे में जानकारी मिले सकेगी।
समीता राजौरा, डायरेक्टर, वन विहार नेशनल पार्क
Published on:
12 Oct 2018 08:06 am
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