22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद विक्रेता बोले- गुजर रहा है सीजन, शोरूम खोलने की मिल जाए अनुमति

इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद विक्रेताओं ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पत्रिका से बात की

3 min read
Google source verification

भोपाल

image

Manish Geete

May 09, 2020

patrika.jpg


भोपाल. लॉकडाउन से इलेक्ट्रानिक्स सेग्मेंट पूरी तरह से बैठ गया। खास गर्मी के सीजन में कूलर, पंखे, एसी जैसे उपकरण ग्राहक खरीद नहीं पाए। सामान्य दिनों की तुलना में मार्च-अप्रैल और मई का महीना इलेक्ट्रानिक्स उपकरणों के विक्रय के हिसाब से अच्छा माना जाता है। साल का 70 फीसदी बिजनेस इन्हीं इन तीन महीनों में होता है, लेकिन शोरूम बंद होने से ग्राहकों की पहुंच नहीं हो पाई। इससे कारोबारियों का करोड़ों रुपए का माल फंस गया। उनका दर्द यह है कि सरकार कुछ समय के लिए दुकानें खोलने और सामान के परिवहन की अनुमति दे दें तो वे सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए अपने पास जमा स्टॉक को खाली कर सकते हैं। इससे ग्राहकों की जरूरतें पूरी हो सकेगी और व्यवसायियों का फंसा पैसा निकल जाएगा।

यह भी पढ़ें

PATRIKA PATHFINDER: निजी शिक्षण संस्थानों के संचालकों ने सरकार से मांगी राहत, देखें VIDEO
लॉकडाउन में सराफा: पत्रिका ने वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए सराफा कारोबारियों से जानी उनकी समस्याएं
पत्रिका अभियान में उद्योगपतियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कही मन की बात

तीन माह पहले होती है तैयारी
गर्मी के सीजन को देखते हुए कारोबारी इलेक्ट्रानिक्स उत्पादों की करीब तीन माह पहले ही तैयारी कर लेते हैं। आर्डर और एडवांस देकर वे सामान की डिलीवरी करवा लेते हैं। यह सामान प्रतिष्ठानों के अलावा गोदामों में रखवा लिया जाता है। कारोबारियों का कहना है कि लॉकडाउन के चलते इस बार जो माल जहां रखा है, वहीं से हटा नहीं। क्योंकि मार्च में इलेक्ट्रानिक्स उत्पादों की मांग शुरू होने वाली ही थी और लॉकडाउन शुरू हो गया। इसलिए उनका करोड़ों रुपए फंस गया। कंपनियों से जो माल आ गया है, सीजन निकलने के बाद उसका कोई महत्व नहीं रह जाएगा। क्योंकि इस सेग्मेंट में हमेशा तकनीकी बदलाव होता रहता है। अर्थात् ग्राहक भी आधुनिक डिजाइनें और नई तकनीक को ज्यादा पसंद करते हैं।

एक नजर
-जीएसटी स्लैब को 28 प्रतिशत से घटाया जाए
-ग्रीन एरिए में उत्पादों के परिवहन की अनुमति मिले
-ईएमआई पर जो सामान दिया है, उसकी ब्याज दरें कम हो
-लॉकडाउन में बिजली बिलों में राहत देना चाहिए
-मोरोटोरियम अवधि 3 की जगह 6 माह की होना चाहिए
- सरकार इलेक्ट्रानिक्स टे्रड को सपोर्ट करें
-ऑनलाइन की बजाय स्थानीय व्यापारियों को तबज्जो मिलें
-होम डिलीवरी की छूट मिलना चाहिए
-बैंक की लिमिट पर ब्याज में छूट दी जाए

शादी विवाह रूकने से भी नुकसान
इलेक्ट्रानिक्स उत्पाद विक्रेताओं का कहना है कि कोरोना वायरस के चलते शुरू किए गए लॉकडाउन से शादी-विवाह जैसे शुभ कार्य भी रूक गए। शादियों में अक्सर इलेक्ट्रानिक्स उत्पादों की डिमांड बढ़ जाती है। दहेज के अलावा घरेलू उपयोग में भी लोग इन उपकरणों की खरीदी करते हैं। इसी तरह प्रॉपर्टी बाजार थमने से गृह प्रवेश जैसे कार्य रूकने से भी इन उत्पादों की मांग कम हो गई है।

सरकार हमारा सपोर्ट करें
कारोबारियों का कहना है कि सरकार हमारा सपोर्ट करें। अभी हम 100 फीसदी की जगह शोरूम कर्मचारियों को 30 -40 फीसदी वेतन दे सकते हैं। बाकी पैसा ईएसआई के माध्यम से सरकार को देना चाहिए। इसी प्रकार बिजली के बिल, जीएसटी के स्लैब में कटौती के साथ सामान परिवहन के लिए हमारी मदद करना चाहिए। दुकानें खोलने के लिए एक निर्धारित समय तय कर देना चाहिए। ऑनलाइन कंपनियों की बजाय स्थानीय व्यापारियों का सपोर्ट करना चाहिए जो भारी-भरकम टैक्स भरते हैं।

क्या कहते हैं कारोबारी


इलेक्ट्रानिक्स उत्पाद विक्रय का सीजनली बिजनेस होता है। लॉकडाउन से पूरा सीजन ही जा रहा है, इसलिए सरकार हमें दिन में 2-3 घंटे दुकानें खोलने की अनुमति दें। हम सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन करेंगे।
आलोक गर्ग, प्रोपरायटर, गर्ग इलेक्ट्रानिक्स

0-----------------------------0


सरकार ने मोरोटोरियम 3 माह का दिया है, उसे बढ़ाकर 6 माह किया जाना चाहिए। बैंक ब्याज तो मार्च, अप्रेल और मई माह का भी लेगी। इसलिए ब्याज दरों में 50 प्रतिशत तक की छूट दी जानी चाहिए।
रूप कुमार रमतानी, डायरेक्टर, चित्रहार इलेक्ट्रो रिटेल

0-----------------------------0


लॉकडाउन से पूरा सीजन ही खराब हो गया। ग्राहकों को उनकी पसंद और जरूरत का इलेक्ट्रानिक सामान उपलब्ध नहीं हो पाया। 17 मई के बाद लॉकडाउन खुलता है तो ग्राहकों की सेवा कर सकेंगे।
कमल कुमार, डायरेक्टर सुभिक्षा इलेक्ट्रानिक्स

0-----------------------------0



ग्राहकों को मुख्य सीजन पर एसी, कूलर, पंखें आदि की डिलीवरी नहीं दे पा रहे। इन उपकरणों का स्टॉलेशन नहीं हो पा रहा। इलेक्ट्रानिक्स उत्पादों पर लगने वाले जीएसटी के स्लैब को घटाना चाहिए। साथ ही दुकानें खोलने के लिए समय निर्धारित करना चाहिए।
श्याम बंसल, डायरेक्टर, मंगलम इलेक्ट्रानिक्स

0-----------------------------0


बिजनेस, लॉकडाउन के चलते पटरी से उतर गया है। बैंकों का ब्याज चालू है। दुकानें बंद है। ऐसे में सरकार को हमारी मदद करना चाहिए। दुकानें खोलने के लिए कुछ समय की छूट देना चाहिए, ताकि लोगों को भी कुछ राहत मिल सकें।
जितेन्द्र चतुर्वेदी, हेल्थ हेयर कूलिंग

0-----------------------------0

लॉकडाउन के चलते शोरूम बंद है। सीजन निकलने वाला है लेकिन पिछले करीब दो माह से ग्राहकों की जरूरत का सामान उपलब्ध नहीं करवा पा रहे हैं। अब सीजन के आखिरी दिनों में दुकानें खोलने की अनुमति देना चाहिए।
सिद्घार्थ नाहर, संचालक, विराट इलेक्ट्रानिक्स

0-----------------------------0