
Patrika Raksha Kavach Abhiyan: राजधानी में बुजुर्ग महिला को जालसाजों ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर तो ठग लिया, लेकिन एक युवक समझदारी दिखाते हुए जालसाजों के चंगुल में फंसने से बच गया। साइबर ठगों ने बुजुर्ग महिला को मनी लॉन्ड्रिंग का केस बताकर 44 लाख रुपए की ठगी कर ली, जबकि सजगता से युवक ने कॉल डिस्कनेक्ट कर दी।
राजधानी में बुजुर्ग महिला को जालसाजों ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर तो ठग लिया, लेकिन एक युवक समझदारी दिखाते हुए जालसाजों के चंगुल में फंसने से बच गया। साइबर ठगों ने बुजुर्ग महिला को मनी लॉन्ड्रिंग का केस बताकर 44 लाख रुपए की ठगी कर ली, जबकि सजगता से युवक ने कॉल डिस्कनेक्ट कर दी।
पीडि़ता को अलग-अलग नंबरों से कॉल किया गया। उन्हें बताया गया, आपके खाते में अलग-अलग माध्यमों से पैसा आ रहा है, जिससे मनी लांड्रिंग का केस बनता है। फर्जी कोर्ट में पेश किया गया, जहां फर्जी मजिस्ट्रेट ने 5 साल की सजा सुनाई। जुर्माना और मनी लांड्रिंग के केस से बचने के लिए जालसाजों ने उनसे अलग-अलग खातों में 44 लाख रुपए ठग लिए। घटना अगस्त महीने की है। अखबारों में पढ़कर उन्हें जालसाजी का पता चला, तब पुलिस के पास पहुंचीं।
- सुजीत तिवारी, सहा. पुलिस आयुक्त साइबर
Updated on:
15 Dec 2024 10:22 am
Published on:
15 Dec 2024 10:21 am
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
