
आयकर विभाग के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त पुरुषोत्तम तिरपुरी से पत्रिका की बातचीत.
Patrika Raksha Kavach Abhiyan: साइबर फ्राड के बढ़ते खतरों के बीच आयकर विभाग के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त (मप्र-छग) ने कहा है कि यदि किसी व्यक्ति ने लालच में आकर अपना खाता उधार दिया है तो इसकी जिम्मेदारी भी खाता देने वाले व्यक्ति की ही होगी। उसे संबधित एजेंसियों से पूछताछ का सामना करना पड़ेगा और जितना खाते में लेन-देन हुआ है, उसका टैक्स भी देना पड़ेगा। आयकर विभाग के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त पुरुषोत्तम तिरपुरी ने सोमवार को यहां पदभार संभालने के बाद 'पत्रिका' से चर्चा के दौरान यह बात कहीं।
उन्होंने कहा कि साइबर फ्राड लगातार बढ़ रहा है, कई लोग लालच देकर आपके खाते मे राशि डाल रहे हैं। कई बार राशि का ज्यादा ट्रांजेक्शन होने पर जब आयकर का नोटिस जाता है, तब व्यक्ति को पता चलता है कि उसके खाते में कितना लेनदेन हुआ है। ऐसी स्थिति में सारी जवाबदारी खाताधारक की होगी।
हमारे विभाग का उद्देश्य है कि करदाता को किसी तरह की परेशानी नहीं हो और उसे समय पर रिफंड मिले। इससे ग्रेवान्स कम होगी। करदाताओं को तेज और तुरंत सुविधा उपलब्ध हो यहीं हमारा प्रयास रहेगा।
इस साल मप्र-छग का टैक्स कलेक्शन का 37,300 करोड़ रुपए का लक्ष्य दिया है। अभी कितना हुआ है, यह 31 दिसंबर के आंकडे आने के बाद पता चलेगा लेकिन इस लक्ष्य को हम 31 मार्च तक पूरा करने का पूरा प्रयास करेंगे।
Published on:
24 Dec 2024 01:02 pm
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