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फोन पर डराने, अरेस्ट करने या फिर समन भेजने की मिले धमकी तो समझें फ्रॉड कॉल

Patrika Raksha Kavach Abhiyan: साइबर फ्रॉड के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। रोज हम साइबर फ्रॉड के शिकार होने की खबरें पढ़ते और सुनते हैं। आम जनता को ऐसे फ्रॉड से बचाने पत्रिका रक्षा कवच अभियान चला रहा है, आप भी जुड़ें, रहें सुरक्षित...

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patrika raksha kavach abhiyan

भोपाल, पत्रिका रक्षा कवच अभियान के तहत पत्रिका ऑफिस में आयोजित टॉक शो में पहुंचे समाज सेवी और सोशल मीडिया इन्फ्लुएसर्स.

patrika raksha kavach abhiyan: साइबर फ्रॉड के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। रोज हम साइबर फ्रॉड के शिकार होने की खबरें पढ़ते और सुनते हैं। आम जनता को ऐसे फ्रॉड के प्रति जागरूक कर सके, इसके लिए पत्रिका रक्षा कवच नाम से अभियान चला रहा है। अभियान के तहत शनिवार को इंफ्लुएंसर्स का एक टॉक शो आयोजित किया।

इसमें लोगों से साइबर फ्रॉड और उससे बचने के उपायों पर बात की गई। इस मौके पर सुनील अवसरकर, प्रभात पोद्दार, ऋषभ चतुर्वेदी, रश्मि गोलया, स्पर्श द्विवेदी, शशांक शुक्ला, मीता वाधवा, कविता अवसरकर, विभूति मिश्रा उपस्थित रहीं।

इंफ्लुएंसर्स ने बताया कि अगर आपके पास कोई कॉल आया और उसने साइबर क्राइम, पैसे के लेन-देन को लेकर कुछ ऐसी बातें कहीं कि आपकी घबराहट बढ़ गई, तो तुरंत समझ जाएं कि आपको साइबर फ्रॉड का शिकार बनाया जा रहा है, क्योंकि बैंक या पुलिस आपको कॉल करेगी, तो कभी भी वह इस तरह बात नहीं करती और न ही ऑनलाइन पैसे की बात करेगी है। इस बात का हमेशा ध्यान रखें। आपकी थोड़ी सी समझदारी आपको फ्रॉड से बचा सकती है।

अनजान नंबर से आए कॉल या वीडियो कॉल आए तो ना उठाएं

अगर आपके पास अनजान नंबर से व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम या फेसबुक पर वीडियो कॉल आता है, तो उसे न उठाएं। ध्यान रखें कि साइबर फ्रॉड की शुरुआत अनजान नंबर से आए वीडियो कॉल से होती है। जब आप फोन उठाते हैं, तो वह फिर आपको परेशान करना शुरू कर देते हैं।

-सुनील अवसरकर, समाज सेवी

फोन करने वाले की बातें करें पैनिक तो तुरंत काट दें फोन

अगर आपके पास कोई कॉल आता है और उसकी बात सुनकर आप पैनिक हो रहे हैं, तो तुरंत फोन काट दें। यह फ्रॉड हो सकता है। कहते हैं कि डर और लालच से ही फ्रॉड की शुरुआत होती है, तो ध्यान दें कि फोन से अगर आप डर रहे हैं या कोई लालच दे रहा है, तो यह फ्रॉड हो सकता है।

-प्रभात पोद्दार, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स

फाइनेंशियल एक्सपर्ट ने कहा, पत्रिका को धन्यवाद

पत्रिका ने जो रक्षा कवच अभियान चलाया है, उसके लिए पत्रिका को धन्यवाद। इस अभियान से लोगों को साइबर फ्रॉड से बचने के उपायों की जानकारी मिल रही है, इससे अगर उनके सामने ऐसी स्थिति आती है, तो वह उससे बच पाएंगे।

-ऋषभ चतुर्वेदी, फाइनेंशियल एक्सपर्ट

रक्षा कवच अभियान में आने के बाद लगा हम भी लोगों को करें अवेयर

रक्षा कवच अभियान में आने के बाद मुझे अच्छी जानकारी मिली। हम इंफ्लुएंसर्स की यह जिम्मेदारी है कि हम साइबर फ्रॉड से संबंधित कंटेंट बनाकर लोगों को बताएं, जिससे लोग जागरूक हो सकें। मैं अपने स्तर पर जरूर यह प्रयास करूंगी।

- रश्मि गोलया, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स

छोटे-छोटे वीडियो बनाकर लोगों को जागरूक करने की जरूरत

हमें छोटे-छोटे वीडियो बनाकर लोगों को जागरुक करने की जरूरत है। इन वीडियोज में साइबर फ्रॉड से संबंधित केस हम ले सकते हैं। जब हम ऐसे केस पर वीडियो बनाएंगे, तो लोग जागरूक होंगे कि अगर ऐसी कोई घटना होती है, तो कैसे हम बच सकते हैं।

-शशांक शुक्ला, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स

आपके साथ फ्रॉड हुआ है तो लोगों से जरूर शेयर करें

अगर आपके साथ फ्रॉड हुआ है, तो उसे लोगों से शेयर जरूर करें। यह शर्मिंदगी की बात नहीं है, आपके बताने से हो सकता है कि अन्य व्यक्ति इससे सबक लें और जब उनके सामने वैसी स्थिति आए, तो वह उस फ्रॉड से बच पाएं, इसलिए शेयर जरूर करें।

-निधि कौशिक, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स

पत्रिका की तरह हमारी भी जिम्मेदारी है कि हम लोगों को जागरूक करें

पत्रिका अपने अभियान के जरिए लोगों को जागरूक कर रहा है। एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते हमारी यह जिम्मेदारी है कि हम भी अपने स्तर पर सीनियर सिटीजन और लोगों को अपने-अपने सोशल मीडिया अकाउंट, पेज के जरिए साइबर क्राइम से बचने के लिए जागरूक करें।

-स्पर्श द्विवेदी, समाजसेवी

हम अपडेट रहें

साइबर फ्रॉड से बचने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि हम अपडेट रहें। अखबार पढ़ें। मेरी यही अपील है कि अगर आपके साथ कोई फ्रॉड हुआ रहा है, तो आप उसे लोगों को बताएं, जिससे वह इससे बच सकें।

-कविता अवसरकर, समाजसेवी

पत्रिका का अभियान सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक

पत्रिका का यह अभियान सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। इसके लिए मैं पत्रिका को धन्यवाद देती हूं। मैं कहना चाहती हूं कि ऐसे फ्रॉड को रोकने के लिए सिस्टम को मजबूत होना चाहिए, क्येांकि अब चीजें बिगड़ चुकी हैं।

-मीता वाधवा, समाजसेवी

मेरे पैरेंट्स सोशल मीडिया पर नहीं, अखबार पढ़कर ही हो रहे अवेयर

पत्रिका को इस अभियान के लिए धन्यवाद। मेरे पैरेंट्स एक वृद्धाश्रम चलाते हैं, तो जो बुजुर्ग हैं, वह सोशल मीडिया पर नहीं है, उन्हें अखबार से ही यह जानकारी मिल रही है, जिससे वह साइबर फ्रॉड को लेकर जागरूक होंगे और खुद भी इस फ्रॉड से बच सकेंगे।

- विभूति मिश्रा, समाजसेवी