23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

टर्किश एयरलाइंस की लापरवाही से फ्लाइट में टूटा भारतीय संगीतज्ञ का सितार, 9 साल बाद फोरम ने दिलाया हर्जाना

11 साल पहले स्विटजरलैंड में आयोजित अंतरराष्ट्रीय समारोह में सितार वादन करने गईं थी अंतराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सितार वादक स्मिता नागदेव

2 min read
Google source verification

भोपाल

image

Vikas Verma

Oct 21, 2019

penalty on turkish airlines by district consumer forum bhopal

penalty on turkish airlines by district consumer forum bhopal

भोपाल। टर्किश एयरलाइंस की लापरवाही के कारण अंतराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सितार वादक स्मिता नागदेव का सितार टूटने में मामले में जिला उपभोक्ता फोरम की बेंच-2 ने फैसला सुनाते हुए एयरलाइंस कंपनी को हर्जाना देने के आदेश दिए हैं। हालांकि टर्किश एयरलाइंस को यह हर्जाना राशि 20 डॉलर प्रति किलोग्राम की दर से सितार बॉक्स के वजन के हिसाब से चुकानी होगी। इसके अलावा मानसिक क्षतिपूर्ति व परिवाद व्यय के तौर पर दो महीने के अंदर 5 हजार रुपए चुकाने होंगे। इस मामले की सुनवाई अध्यक्ष भारत भूषण श्रीवास्तव और सदस्य अनिल कुमार वर्मा व अलका सक्सेना की बेंच ने की।

इंटरनेशनल फेस्टिवल में सितार वादन करने गई थी स्विटजरलैंड

शिकायकर्ता स्मिता नागदेव ने बताया कि 24 जुलाई 2008 को स्विटजरलैंड में आयोजित एक इंटरनेशनल फेस्टिवल में परफॉर्म करना था। इसके लिए मैंने 20 जुलाई 2008 को दिल्ली से ज्यूरिक के लिए टर्किश एयरलाइंस से टिकट बुक किया था। परफॉर्मेंस के लिए मैं खुद अपना सितार भी ले जा रही थी। एयरलाइन कंपनी ने मुझे अपना सितार एयरक्राफ्ट में रखने नहीं दिया, उन्होंने इसे लगेज बॉक्स में रख दिया। ज्यूरिक पहुंचने पर जब एयरलाइन कंपनी ने मुझे सितार सौंपा जोकि पूरी तरह से टूट चुका था। जब मैंने इसकी शिकायत की तो उन्होंने कुछ भी सुनने से मना कर दिया। अगले दिन मुझे परफॉर्म करना था, मैं बहुत परेशान थी, मैंने वहां अपने सितार को रिपेयर कराने की भी कोशिश की लेकिन वे भी उसे सही नहीं कर पाए। मजबूरी में मैंने अपने एक दोस्त से सितार मांगकर इंटरनेशनल फेस्टिवल में प्रस्तुति दी। इसके बाद स्मिता ने टर्किश एयरलाइंस को नोटिस भेज फाइनेंशियल, प्रोफेशनल और फिजिकल लॉस के एवज में 15 हजार यूरो का दावा ठोंका लेकिन एयरलाइंस कंपनी ने 600 यूरो का चेक भेजा। जिसे स्मिता ने स्वीकार करने से इंकार कर दिया।

लगेज की कीमत घोषित नहीं करने पर मिला कम हर्जाना

जिसके बाद 9 जुलाई 2010 को जिला उपभोक्ता फोरम में परिवाद दायर किया। इस मामले में टर्किश एयरलाइंस ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि सितार बहुत कम डैमेज हुआ था। हालांकि इस मामले में स्मिता की ओर से लगेज की कोई कीमत घोषित नहीं की गई थी, लिहाजा टर्किश एयरलाइंस के नियमानुसार शिकायतकर्ता को 20 यूएस डॉलर प्रति किलोग्राम की दर से लगेज के वजन के मुताबिक हर्जाना दिया गया।