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गजब की गजक: 4 हजार क्विंटल गजक खा रहे इस शहर के लोग

सर्दियों में गजक व तिल से बने अन्य फूड आइटम अब नए तरीके से खाए जा रहे हैं। बाजारों में 30 से भी अधिक फ्लेवर्स मौजूद, ओल्ड फूड विद् न्यू फ्लेवर्स

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बाजारों में 30 से भी अधिक फ्लेवर्स मौजूद

भोपाल. सर्दियों में गजक व तिल से बने अन्य फूड आइटम अब नए तरीके से खाए जा रहे हैं। बाजारों में 30 से भी अधिक फ्लेवर्स मौजूद हैं। सर्दियों में मावे की कलरफुल मिठाइयों की जगह इन्हें ज्यादा पसंद किया जा रहा है। एक अनुमान के अनुसार राजधानी में सर्दी के सीजन में चार हजार क्विंटल से ज्यादा गजक बिक जाती है।

व्हाइट चॉकलेट से लेकर स्प्रिंग रोल गजक का क्रेज बढ़ा: चॉकलेट गजक, व्हाइट चॉकलेट गजक, वनीला फ्लेवर गजक के साथ ही फास्ट फूड के नाम और शेप में भी गजक पंसद की जा रही है। स्प्रिंग रोल गजक, पाकीज़ा गजक, ऊबड़ खाबड़ गजक, कटलेट गजक, रोल गजक, लाजवाब गजक भी इस बार ट्रेंड में हैं। पुराने शहर के एक गजक व्यापारी के मुताबिक इस तरह की इनोवेशन के तरफ युवा जल्दी आकर्षित हो रहे हैं। इसके साथ ही ड्राई फ्रूट्स के साथ गजक में इनोवेशन किया जा रहा है। चमचम गजक, बादाम गजक, सोन गजक, काजू गजक और शुगर फ्री गजक की डिमांड बढ़ गई है।

सर्दियों में फायदेमंद गजक व लड्डू
डायटीशियन नेहा शर्मा ने बताया कि तिल और गुड की गर्म तासीर होती है। सर्दियों में विशेष रूप से इनका सेवन करना चाहिए। इससे आयरन, हीमोग्लोबिन, फाइबर मिलता है। साथ ही ये आंखों और डायजेशन के लिए भी फायदेमंद होते हैं। खासकर महिलाओं और बच्चों के लिए ये विशेष फायदेमंद होते हैं क्योंकि इनसे इम्यूनिटी बूस्ट होती है। बच्चों को खिलाने के लिए अलग-अलग फ्लेवर्स भी इस्तेमाल कर सकते हैं लेकिन ये कम मात्रा में ही होने चाहिए।

काले तिल के लड्डुओं की विदेशों में मांग
यूं तो काले तिल के लड्डुओं की डिमांड पूरे साल रहती है। लेकिन सर्दियों में ये विशेष रूप से पसंद किया जाता है। न्यू मार्केट के एक व्यापारी ने बताया कि ये लड्डू कनाडा, दुबई, अफगानिस्तान समेत कई देशों में जाते हैं। एक सीजन में लगभग 5 हजार किलो लड्डू एक्सपोर्ट हो जाता है।

गजक की खपत— 2000-3000 क्विंटल
फ्लेवर्ड गजक की खपत— 500-800 क्विंटल