
लाफ्टर थेरेपी
भोपाल। शहर में शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए जहां लोग दवाओं में लाखों रूपए खर्च कर देता हैं। वहीं राजधानी में संचालित हो रहे ला टर क्लब के सदस्य लोगों को ला टर थैरेपी की मदद से स्वस्थ और तनाव मुक्त बनाने का प्रयास कर रहे हैं। शहर में आज इन क्लब से करीब एक सैकड़ा लोग जुड़कर सुखी और स्वस्थ जीवन व्यतित कर रहे हैं। लोगों की माने तो अब ला टर थैरेपी उनके जीवन का एक अहम हिस्सा बन गया है।
सुरूचि नगर निवासी सी वी चंसोरिया ने बताया कि हर व्यक्ति के जीवन में एक समय ऐसा पड़ाव आता है, जब वह डिप्रैशन से ग्रस्त होकर अपनी जीवन लीला समाप्त करने समेत विभिन्न ठोस कदम उठा लेने का मन बना लेता है। इसके पीछे अधिकांशत: एक ही वजह देखने को मिलती है कि व्यक्ति पूरे समय काम की व्यस्तता में डूबा रहने के कारण हास्य का आनंद नहीं ले पाता।
जिसके कारण उसे अपनी जिंदगी बोझिल लगने लगती है। लोगों को इस समस्या से बाहर निकालने और खुशनुमा माहौल प्रदान करने के लिए शहर भर में विभिन्न सामाजिक संस्थाओं द्वारा कॉलोनियों, पार्कों में आए दिन ला टर थैरेपी से लोगों को स्वस्थ और तनाव मुक्त बनाए रखने के लिए सार्थक पहल की जा रही है।
देश भर में संचालित हो रहे ८२ ला टर क्लब
विशेषज्ञों की माने तो जीवन को तनाव मुक्त बनाए रखने का सबसे कारगर उपाय ला टर थैरेपी है। जिसकी सबसे अधिक जरूरत ४० वर्ष की उम्र पार कर चुके लोगों को होती है, जो काम और पारिवारिक चिंताओ के कारण अधिकांश समय तनाव ग्रस्त रहते है। इसी समस्या को दूर करने के लिए देश भर में विभिन्न सामाजिक संस्थाओं द्वारा करीब ८२ ला टर क्लब संचालित किए जा रहे हैं।
ला टर थैरेपी की मदद से हुआ सफल आपरेशन
सुरूचि नगर निवासी सी वी चंसोनिया ने बताया कि करीब २ वर्ष पहले उन्हें डॉक्टर द्वारा हार्ट प्राब्लम के कारण आपरेशन की सलह दी गई। आपरेशन शुरू करने से पहले डॉक्टर ने उन्हें बेहोशी का इंजेक्शन लगाना चाहा, तो उन्होंने इंकार कर दिया। उन्होंने आपरेशन के दौरान होश में रहते हुए ला टर थैरेपी की मदद से अपना ध्यान आपरेशन में नहीं लगने दिया। जिससे उनका सफल आपरेशन हो सका, आज सी वी चंसोरिया पूरी तरह स्वस्थ है और खुद को पहले से अधिक युवा महसूस कर रहे हैं।
तनाव के कारण घर से निकलना कर दिया था बंद
सुरेश शर्मा ने करीब ६ माह पहले डिप्रेशन के कारण घर से निकलना बंद कर दिया था। जब कई दिनों तक सुरेश घर से बाहर नहीं निकले, तो ला टर क्लब के सदस्यों ने शर्मा से संपर्क कर उनकी समस्या जानी। तो पता चला कि शर्मा रिटायरमेंट का समय नजदीक आने के कारण अपनी आगे की जिंदगी को लेकर चिंतित है। सदस्यों द्वारा काउंसलिंग करने के बाद सुरेश शर्मा ने ला टर क्लब ज्वाइन किया और आज वह खुद को पहले से ज्यादा स्वस्थ और तनाव मुक्त महसूस कर रहे है। वर्तमान में सुरेश शर्मा सुरूचि नगर ला टर क्लब के उपाध्यक्ष हैं।
इन पार्कों में लगती है ला टर की क्लास
राजधानी के चिनार पार्क , स्वर्ण जयंति पार्क, सुरूचि नगर कॉलोनी पार्क, शाहपुरा लेक स्थित चिल्ड्रन पार्क समेत करीब एक दर्जन पार्कों में रोजाना ला टर की क्लास लगती है। यहां सुबह करीब ६ बजे से ८ बजे तक लोग ला टर थैरेपी की मदद से खुद को तनाव मुक्त बनाते हैं। राजधानी में संचालित हो रही विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के सदस्यों द्वारा लोगों को निशुल्क ला टर थैरेपी का लाभ दिया जाता है।
Published on:
07 May 2018 08:44 am
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
