
नए हिट एंड रन कानून के विरोध में बस और ट्रक एसोसिएशन की हड़ताल के आह्वान पर सोमवार को साल के पहले दिन लोग दिनभर परेशान रहे। देशव्यापी हड़ताल के पहले दिन भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर समेत प्रदेशभर में 30 हजार निजी बसों का संचालन नहीं हो पाया। सोमवार सुबह बेबस, बेपटरी हुई आम जिंदगी मंगलवार की सुबह फिर लाचार नजर आई। न ओला चल रही न उबर, इ-रिक्शा वाले भी तिगुना किराया मांग रहे हैं। नौकरीपेशा लोग नहीं जा पाएंगे ऑफिस..आप भी जानें मध्यप्रदेश में दो दिन में कितने बदतर हालात...
- मुख्य सचिव वीरा राणा ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग कर जिलों का हाल जाना। कलेक्टरों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। इसके बाद सरकार हरकत में आई। पदभार ग्रहण करने के बाद परिवहन मंत्री उदयप्रताप ने पत्रिका से कहा कि हड़ताल समस्या का हल नहीं है। वार्ता से ही समाधान होगा।
- मध्यप्रदेश में हिट एंड रन एक्ट के विरोध में हड़ताल ने राजधानी समेत प्रदेश भर में आम जिंदगी में हाहाकर मचा है।
- आज हड़ताल को दूसरा दिन है। दो दिन में आम जिंदगी बेहाल, बेबस हो चली है।
- बसों, मैजिक, ऑटो जैसे वाहनों में यात्रा करने वाले लोग लाचार नजर आ रहे हैं।
- कई पेट्रोल पंप बंद हो चुके हैं।
- जहां पेट्रोल बचा है, वहां डेढ़ से दो किलोमीटर तक की लाइन लगी हैं। लोग अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
- कई पेट्रोल पंप संचालकों ने मौके का फायदा उठाते हुए 108 रुपए में नहीं बल्कि 160 रुपए लीटर पेट्रोल बेचा। हालांकि इसके बाद सरकार एक्शन में दिखी।
- दहशत में दिखे लोग। सोमवार को पहले दिन जैसे-तैसे ऑटो से जाने वाले लोग
नए हिट एंड रन कानून के विरोध में बस और ट्रक एसोसिएशन की हड़ताल के आह्वान पर सोमवार को साल के पहले दिन लोग दिनभर परेशान रहे। देशव्यापी हड़ताल के पहले दिन भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर समेत प्रदेशभर में 30 हजार निजी बसों का संचालन नहीं हो पाया। मुख्य सचिव वीरा राणा ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग कर जिलों का हाल जाना। कलेटरों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। इसके बाद सरकार हरकत में आई।
- बालाघाट में पुलिस की निगरानी में पेट्रोल भरा।
- राजधानी में आधी रात बाद तक 144 पंपों में से 40 में पेट्रोल नहीं था।
- फल सब्जी, किराना, एलपीजी परिवहन करने वालें वाहनों के पहिए थम गए।
- छोटे कमर्शियल वाहन भी नहीं चलने का असर मंगलवार को दिख रहा है।
स्कूलों में आज छुट्टी
ड्राइवरों के हड़ताल में शामिल होने से ज्यादातर निजी स्कूलों ने मंगलवार को अवकाश घोषित कर दिया। देर रात पेरेंट्स के मोबाइल फोन नोटिफिकेशन रिंग से घनघनाते सुनाई दिए। कई स्कूलों में आज से ऑनलाइन क्लासेस शुरू हो गई हैं। तो कई स्कूल संचालकों ने पेरेंट्स से अपील की है कि ड्राइवरों के हड़ताल पर जाने से स्कूल वेन या बसें नहीं चल रही है, आप समय से खुद स्कूल छोड़ें और लेकर जाएं।
इसलिए हो रहा विरोध
नए कानून में प्रस्ताव के तहत सड़क दुर्घटना के बाद वाहन चालक के फरार होने पर सत कार्रवाई होगी। चालक को दुर्घटना की सूचना पुलिस को देनी होगी। हिट एंड रन के तहत ड्राइवर भाग जाता है तो 10 साल की सजा का प्रावधान और 7 लाख जुर्माना भी देना होगा। एसीडेंट के बाद ड्राइवर मदद करता है और पीडि़त को अस्पताल ले जाता है तो उसकी कर्तव्य परायणता के लिए सजा में गुंजाइश है, लेकिन यह जज के विवेक पर निर्भर होगा कि वह किस तरह की छूट देता है।
वर्तमान कानून में प्रावधान
हिड एंड रन मामलों में आरोपियों पर उनकी पहचान के बाद धारा 304ए के तहत मुकदमा चलाया जाता है, जिसमें दोष सिद्ध होने पर दो साल तक जेल की सजा का प्रावधान है।
विशेषज्ञ बोले
कानून जनहित में विशेषज्ञों का कहना है कि ये कानून जनहित में है, ताकि लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने वालों से लोगों की जान बचाई जा सके। वाहन चालकों में जिमेदारी का भाव पैदा किया जा सके।
नर्मदापुरम रोड के 15 पंप ड्राई
ईं धन की सह्रश्वलाई करने वाले हजारों टैंकर सुबह से ही डिपो के पास खड़े रहे। किसी ने भी सह्रश्वलाई नहीं ली। बसों के पहिए भी थम गए। अलग-अलग जिलों में प्रशासन के अधिकारियों ने आइओसी, बीपीसीएल एवं एचपीसीएल के अधिकारियों की बैठक ली। पेट्रोल पंप डीलर एसोसिएशन, ड्राइवर यूनियन एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन की सती के बाद शाम तक बड़े शहरों में स्थिति सामान्य हो गई। भोपाल में 4 बजे बाद टैंकरों में तेल भरना शुरू हो गया। देर रात तक सह्रश्वलाई भी शुरू हो गई, इसके बाद भी नर्मदापुरम रोड के 15 पंपों में तेल नहीं था। इधर, तेल कंपनियों का कहना है कि पेट्रोलडीजल की कोई कमी नहीं है।
सवाल- प्रदेश में बस ड्राइवर हड़ताल पर हैं। नए कानून का विरोध कर रहे हैं। आप क्या कहेंगे?
परिवहन मंत्री उदय बोले - हड़ताल समस्या का हल नहीं है। हड़ताल करने वालों को चक्काजाम नहीं करना चाहिए। आम जनता को परेशानी नहीं होना चाहिए। ड्राइवर बातचीत का रास्ता खोलकर रखें। सरकार समस्याओं पर बात करके फिर समस्या का हल निकालने की कोशिश करेगी। कोई कानून बनाया है तो इसका मतलब यह नहीं है कि तुरंत दंडित ही किया जाएगा।
प्रदेश का हाल
* भोपाल में 600 टैंकरों के पहिए थमे, 400 शहर में ही खड़े रहे, जबकि 288 शहर में एंट्री नहीं कर पा रहे। इनमें सब्जी, फल और किराना भी।
* इंदौर में एक लाख से ज्यादा ड्राइवर-कंडक्टर ने हड़ताल कर दी। पेट्रोल का भी संकट था। अफसरों ने पेट्रोल मुहैया करवाया।
* ग्वालियर में बस चालकों ने बसें चलाने से मना कर दिया।
* शहडोल में बस स्टैंड पर सभी वाहनों को सड़क किनारे खड़ा करा दिया। अन्य वाहनों का आवागमन भी बाधित किया।
* उज्जैन में हड़ताल के कारण बसों की सुविधा भी नहीं मिलने से लोग परेशान होते रहे। बाद में नगर निगम ने उज्जैन-इंदौर के बीच चार सिटी बसें चलाईं।
* जबलपुर से नागपुर, अमरकंटक, सागर, दमोह, रायपुर, मंडला रूट पर करीब 618 बसें नहीं चलीं। शहर में 80 सिटी बसें भी खड़ी रहीं। ऑटो नहीं चले।
- हड़ताल करने वालों ने राजधानी के पटेल नगर, भोपाल रेलवे स्टेशन रूट, 11 मिल चौराहे पर पेट्रोल और डीजल के टैंकरों को डिपो ओर जाने से रोक लिया था। हालांकि शिकायत मिलते ही पुलिस प्रशासन ने टैंकरों को डिपो तक पहुंचाया। फिर मंगलवार की सुबह टैंकर पेट्रोल पंपों पर जाते नजर आए।
- भोपाल में चल रही निजी एंबुलेंस के ड्राइवर भी हड़ताल पर उतरे। भोपाल एंबुलेंस ऑपरेटर एसोसिएशन की ओर से 2 और 3 जनवरी को एंबुलेंस नहीं चलाने का फैसला लिया गया। इसके बाद से निजी एंबुलेंस सड़कों पर नहीं चलीं। वहीं एसोसिएशन अध्यक्ष का कहना था कि हिट एंड रन कानून वापस लिया जाए। इस संदर्भ का एक आवेदन उन्होंने पुलिस कमिश्नर को सौंपा।
- कुछ स्थानों पर इ-व्हीकल संचालक भी मनमानी पर उतर गए। 150 के बजाय 500 रुपए किराया मांगते नजर आए। इमरजेंसी में लोगों से तिगुना किराया वसूला गया। मंगलवार को भी यही हाल रहा, जिससे ऑफिस जाने वाले कई लोग ऑफिस ही नहीं जा पाए। उन्हें या तो वर्क फ्रॉम होम मिला या फिर छुट्टी का आवेदन देना पड़ा।
यहां करें शिकायत
ट्रक एवं बस ड्राइवरों की हड़ताल से पेट्रोल-डीजल का संकट भी गहराने की संभावना बन रही है। कई जगह पेट्रोल के दाम बढ़ाने या कम देने की शिकायत भी मिलना शुरू हो गया है। यदि पेट्रोल कम मिलता है या ज्यादा कीमत वसूली जा रही है तो उपभोता भोपाल जिला कलेटर कार्यालय के नंबर 0755254 0494 पर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।
* कुछ पंपों पर डीजल-पेट्रोल की कमी हो गई थी। एडीएम की बैठक के बाद शाम 4 बजे तक टैंकर भरना शुरू हो गया था। टैंकरों से सप्लाई भी शुरू हो गई। स्थिति सामान्य हो जाएगी।
- नकुल शर्मा, महामंत्री, पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन
* मप्र रात तक सामान्य & सोमवार को यात्री बसें बंद रही, लेकिन मंगलवार से शुरू हो सकती है। खरगोन में सीएम से मुलाकात हुई है। कोर कमेटी की बैठक में जो निर्णय होगा, उस हिसाब से आगे विचार करेंगे।
* पं. गोविंद शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष, प्राइम रूट बस ऑनर्स एसोसिएशन
* मंगलवार को दिल्ली में ऑल इंडिया मोटर्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की सरकार के साथ बातचीत होने वाली है। इसके बाद ही कुछ करेंगे। हड़ताल से सोमवार को प्रदेश में 30 हजार से अधिक बसों का संचालन रुका रहा।
* चरणजीत सिंह गुलाटी, उपाध्यक्ष, प्राइम रूट बस ऑनर्स एसोसिएशन
* हमारी हड़ताल जारी है। एडीएम के साथ बैठक के बाद टैंकरों में पेट्रोल-डीजल भरना शुरू हो गया है। जो ड्राइवर पेट्रोल-डीजल लेकर जा रहे हैं, वे अपनी रिस्क पर ही जा रहे हैं।
- शौकत अली, अध्यक्ष, मप्र टैंकर्स वक्र्स एसोसिएशन
Updated on:
02 Jan 2024 09:29 am
Published on:
02 Jan 2024 08:51 am
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