
भोपाल। प्रदेश के निजी प्ले स्कूलों के लिए रेगुलेटरी गाइडलाइन बनाई जा रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने एनजीओ, यूनिसेफ, निजी प्ले स्कूल संचालकों और प्रबुद्धजनों से इसके लिए सुझाव मांगे हंै। इसके बाद इसे लागू किया जाएगा। इसमें तीन साल से कम उम्र के बच्चों को प्रवेश नहीं दिया जा सकेगा। विभागीय अफसरों का कहना है कि नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स ने रेगुलेटरी गाइडलाइन का एक ड्रॉफ्ट दिया है। इसके आधार पर प्रदेश स्थानीय परिदृश्य को ध्यान में रखकर रेगुलेटरी गाइडलाइन तैयारी की जाएगी। प्रदेश में अब तक प्ले स्कूलों के संचालन, मान्यता, पात्रता, फीस, साधन-संसाधन आदि के लिए गाइडलाइन नहीं है। इसके बाद इसे लागू किया जाएगा।
इनका कहना है...
गाइडलाइन जल्दी ही तैयार कर ली जाएगी। बच्चों के लिए पाठ्यक्रम भी तय किया जाना है। विधि विभाग से भी इस संबंध में सहमति ली जाना है।
-आरपी रमनवाल, अपर संचालक, एकीकृत बाल विकास सेवा
रेगुलेटरी गाइडलाइन आने से प्ले स्कूलों को एक इंडस्ट्री के तौर पर मान्यता मिलेगी। अभी तक ये गुमाश्ता के आधार पर चल रहे हैं, इससे प्ले स्कूलों के मानकों में विविधता बहुत है।
-जतिन माथुर, संचालक, आर्यावृत प्ले स्कूल, भोपाल
फांसी लगाकर युवक ने की आत्महत्या
भोपाल। पिपलानी थाना क्षेत्र में एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट नहीं मिलने से आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। जानकारी के अनुसार आनंद नगर निवासी हनी सिंह (22) पिता हरविंदर सिंह ने शुक्रवार रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हनी मजदूरी करता था और दादी के पास रहता था। रात में करीब 12.30 बजे बुआ पानी पीने उठी तो देखा कि हनी सिंह फंदे पर लटक रहा है। बुआ ने शोर कर आस-पास के लोगों को बुलाया। उसके बाद लोग उसे फंदे से नीचे उतारकर अस्पताल ले गए। वहां पर डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
Published on:
08 Apr 2018 08:15 am
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