
मैंने लताजी के साथ 200 से ज्यादा गीत गाए, मैं इसे अपना सौभाग्य ही मानता हूं
भोपाल। मैंने lata mangeshkar के साथ 200 से ज्यादा गीत गाए, मैं इसे अपना सौभाग्य ही मानता हूं। उनके जाने से संगीत युग का एक इतिहास खत्म हो गया। उन्होंने हर जेनरेशन के साथ गाने गाए हैं। वे हमेशा कहती थीं कि उन्हें मेरी आवाज एकदम ओरिजनल लगती है। सुरों की महारानी से यह बात सुनते हुए लगता था कि जैसे मुझे सब कुछ मिल गया हो। यह बात बॉलीवुड प्लेबैक सिंगर उदित नारायण ने पत्रिका प्लस से बातचीत करते हुए कही। वे एक कायक्रम में प्रस्तुति देने आए थे।
udit narayan ने एक यादगार किस्सा सुनाते हुए कहा कि मेरी उनसे पहली मुलाकात पुणे में एक चैरिटी शो में हुई। इसके बाद बेंगलूरु में एक कार्यक्रम में उनसे फिर मिलना हुआ, इत्तेफाक से उस दिन एक दिसंबर का दिन था, उस दिन मेरा जन्मदिन होता है। जब lata mangeshkar को इसका पता चला तो उन्होंने मुझे सोने की चेन तोहफे में दी साथ ही उन्होंने मेरा नाम प्रिंस ऑफ प्लेबैक सिंगर रख दिया। ये चेन मैंने आज भी संभाल कर रखी है, ये मेरी जिंदगी का सबसे कीमती तोहफा था।
मेलोडी सॉन्ग का दौर कभी खत्म नहीं होगा
udit narayan ने कहा कि बॉलीवुड के पुराने गानों को हम सदाबहार यूं ही नहीं कहते। इन गानों के लिए लिरिक्स राइटर, म्यूजिशियन, सिंगर, एक्टर से लेकर डायरेक्टर तक खूब मेहनत करते थे। जब गाना शूट या रिकॉर्ड होता था तब एक साथ उस पर रिसर्च करते थे। हर गाने पर खूब मेहनत होती थी। उसके हर एक शब्द में गागर में सागर भरा होता था, आज के दौर में गागर से लेकर सागर तक सब खाली है। आज एक गाना खूब फेमस होता है लेकिन चार दिन उसे कोई सुनना पसंद नहीं करता। खुशी हो गम, हर कोई पुराने गानें ही सुनना पसंद करता है। हमारे दौर के सिंगर्स के गानें युगों तक लोगों के दिलों में राज करेंगे। मेलोडी कभी नहीं मरती है और न कभी उन गानों का दौर खत्म होगा। म्यूजिक कंपोजर बप्पी लाहिड़ी को लेकर उन्होंने कहा कि बप्पी दा संग मेरी जो बॉन्डिंग रही है। उसे किसी रिश्ते में बांध नहीं सकते हैं।
6 से 7 स्टूडियो संभालते थे बप्पी दा
udit narayan ने कहा कि अपने स्ट्रगल के दिनों से मैं बप्पी लहरी से मिलता रहा हूं। बहुत बिजी होने के बावजूद वह हम जैसे लोगों से मिल लेते थे। उन्होंने 15 फिल्मों में मुझसे गाना गवाया। प्रकाश मेहरा की फिल्म दलाल, अफसाना प्यार का... में आशा जी के साथ गाने का मुझे मौका दिया था। एक समय ऐसा भी था जब वे एक ही दिन में 6 से 7 स्टूडियो में रिकॉर्डिंग करते थे। उन्होंने स्ट्रगल कर ये मुकाम बनाया। उनका यही स्ट्रगल मुझे प्रेरणा देता था।
Published on:
15 Mar 2022 01:45 am
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