रुपए लेकर जाते और मुंबई से लाते थे सोने की खेप, 6 महीने में 25 बार गए मुंबई, पहुंचाए करोड़ों रुपए

कार में बना रखी थी लोहे की तिजोरी, ऊपर से डाल रखा था पैरदान, 31 पैकेट में मिलीं 500-500 के नोटों की गड्डियां

By: KRISHNAKANT SHUKLA

Published: 05 Sep 2019, 08:53 AM IST

भोपाल. राजधानी से महीने में चार बार करोड़ों रुपए मुंबई ले जाने और वहां से सोने की खेप लाने का खेल चल रहा था। इस काम से जुड़ा ड्राइवर और उसका सहयोगी छह माह में करीब 25 बार राजधानी से मुंबई करोड़ों रुपयों की खेप ले जा चुका है। चैकिंग के दौरान किसी को संदेह न हो, इसके लिए गाड़ी के अंदर तिजोरी बना रखी थी। उसके उपर पैरदान डाल रखे थे।

एएसपी क्राइम ब्रांच निश्चल झारिया ने बातया कि क्राइम ब्रांच ने फंदा टोल नाके पर इस गाड़ी को चैकिंग के दौरान रोका था, लेकिन तलाशी लेने पर कुछ नहीं मिला। क्राइम ब्रांच टीम भी गफलत में पड़ गई थी। फिर ड्राइवर से सख्ती से पूछा। जैसे ही ड्राइवर ने सीट के नीचे पड़े कवर को उठाया, क्राइम ब्रांच टीम देखकर दंग रह गई। गाड़ी के अंदर लोहे की तिजोरी बनी थी। जब तिजोरी को खुलवाया गया, तो उसके अंदर पीले रंग के 31 पैकेट रखे मिले। पैकेटों को जब खोला गया, तो उसके अंदर 500-500 के नोट निकले। इसके बाद गाड़ी में सवार तीनों युवकों को पकडकऱ थाने लाया गया।


दस हजार रुपए प्रतिमाह मिलता है वेतन

ड्राइवर दिनेश लोवंशी (29) ने बताया कि उसे हर माह 10 हजार रुपए मिलता है। इसके एवज में उसे महीने में मुंबई के चार चक्कर लगाने होते हैं, सहयोगी सोनू लोधा (22) को सात हजार रुपए प्रतिमाह मिलता है। इसके अलावा उसे कुछ नहीं पता। तीसरा युवक दिनेश का सगा भाई भूरेलाल है। उसे दिनेश मुंबई घुमाने ले जा रहा था। तीनों ग्राम तराना, जिला राजगढ़ के रहने वाले हैं। दिनेश फिलहाल करोंद में किराए से रहता है।


मुंबई पहुंचते ही एम भैया का आदमी आता, गाड़ी लेकर जाता, फिर पैक कर दे जाता

एएसपी निश्चल झारिया ने बताया कि पकड़े गए ड्राइवर ने बताया कि वह मधुर अग्रवाल उर्फ एम भैया के लिए काम करता है। जब मुंबई जाना होता है, तब एक दिन पहले दोनों को बुला लिया जाता है। इसके बाद उन्हें गाड़ी पैक मिलती है। अगले दिन शाम के समय वह भोपाल से मुंबई के लिए निकलते हैं।

मुंबई पहुंचने पर एम भैया का फोन आता है, वहां उनका कोई दूसरा आदमी मिलता है। ड्राइवर और उसका साथी होटल में ठहरते हंै, घूमते हैं। इसके बाद जो गाड़ी ले जाता है, वह उधर से गाड़ी को पैक कर उन्हें सुपुर्द कर देता है। वह फिर मुंबई से भोपाल के लिए रवाना हो जाते हैं। मामला हवाला से जुड़ा है या नहीं, यह खुलासा पुलिस की अग्रिम जांच और आईटी अफसरों की तफ्तीश में हो सकेगा।

 

 

सराफा कारोबारी की दुकान पर पहुंची आयकर की टीम

राजधानी के जिस सराफा कारोबारी से 4.11 करोड़ रुपए नकद मिले हैं, उसकी आयकर विभाग ने जांच शुरू कर दी है। विभाग की दो टीमों ने मधुर अग्रवाल की चौक स्थित दो दुकानों जीएम गोल्ड एवं खुशी अर्नामेंट पर जांच शुरू कर दी। विभाग का कहना है कि व्यापारी की आय का स्रोत खंगाला जाएगा, इसके अलावा व्यापारी के पिछले पांच साल के रिटर्न फाइल करने संबंधित दस्तावेज भी निकाले जाएंगे।

इधर विभाग ने नोटों की आयकर कार्यालय में लाकर दोबारा गिनती की। इसमें बैंक कर्मचारियों की भी मदद ली गई। इसके अलावा अग्रवाल के मोबाइल से भी जानकारी जुटाई जा रही है। मुंबई में कहां से सोना आता था, इसकी जानकारी भी निकाली जाएगी।

व्यापारी को पूछताछ के लिए भी बुलाएंगे। इधर सराफा कारोबारियों का कहना है कि मधुर अग्रवाल राजधानी के कई सराफा कारोबारियों को सोना देता है। कारोबारी से जो पैसा पकड़ाया है, उससे करीब 10 किलो सोना खरीदा जा सकता है। सराफा सूत्रों का कहना है कि मधुर अग्रवाल राजधानी के व्यापारियों को जरूरत के हिसाब से सोना उपलब्ध करवाता रहा है।

उनकी सराफा में दो दुकानें है, लेकिन वहां कम ही बैठक होती है। सारा काम मोबाइल के माध्यम से ही होता है। आयकर विभाग का कहना है कि व्यापारी के समस्त दस्तावेज, क्रय-विक्रय के बिल आदि की जांच की जाएगी।

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