
कांग्रेस का तनाव, EVM की सुरक्षा, राजनांदगांव में स्ट्रांग रूम के शटर और ताले नहीं दिखे, आपत्ति के बाद बढ़े कैमरे
अरेरा हिल्स स्थित पुरानी जेल में बने स्ट्रांग रूम में 30 नवंबर को 1.30 घंटे तक सीसीटीवी कैमरे बंद रहने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले में सीईओ वीएल कांताराव के सामने कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सुदाम खाडे ने स्ट्रांग रूम का निरीक्षण करने पहुंचे पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी से सीसीटीवी बंद रहने के दौरान अन्य कैमरों की रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराने की बात से इंकार कर दिया है।
कलेक्टर के इंकार के बाद कांग्रेसियों ने अपर कलेक्टर संतोष वर्मा के आश्वासन की बात कही जिसमें वर्मा ने अन्य कैमरों का डाटा दिखाने की बात कही थी। जिला निर्वाचन अधिकारी ने पचौरी को सफाई देकर कहा कि एडीएम को जानकारी नहीं थी इसलिए उन्होंने गलत आश्वासन दे दिया, 30 नवंबर को टोटल ब्लैक आउट की वजह से किसी भी कैमरे में 1.30 घंटे तक कुछ भी रिकॉर्ड नहीं हो सका था। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने इस पूरे मामले को संदिग्ध करार देकर चुनाव आयोग से दखल देकर जांच कराने की मांग की है।
रिकॉर्ड देने से क्यों बच रहे अफसर
पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी ने जिला निर्वाचन अधिकारी के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि वे जानबूझकर रिकॉर्ड सार्वजनिक करने से बच रहे हैं। पचौरी ने आरोप लगाया कि 30 नवंबर की शाम एडीएम ने फुटेज उपलब्ध होने की बात कही थी जिसे कलेक्टर ने 2 दिसंबर को खारिज कर दिया। पचौरी ने कहा कि वे इस मामले की शिकायत मुख्य चुनाव आयुक्त कार्यालय से करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि स्ट्रांग रूम के अंदर अफसर मोबाइल फोन लेकर घूम रहे हैं जबकि चुनाव आयोग ने इस पर रोक लगा रखी है।
सीईओ ने मांगी है जानकारी
इधर मौके पर मौजूद सीईओ वीएल कांताराव ने अलग से अफसरों के साथ मौके का मुआयना किया। कलेक्टर ने सीईओ को बताया कि 30 नवंबर की दोपहर जब लाइट गई थी उस वक्त पावर बैकअप नहीं था इसलिए किसी भी कैमरे में कुछ भी रिकॉर्ड नहीं हो सका। कांताराव ने कलेक्टर को लिखित में जानकारियां देने के निर्देश दिए हैं।
Published on:
03 Dec 2018 08:23 am
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