
90 डिग्री ब्रिज के अफसरों पर एक्शन के बाद सियासत (Photo Source- Patrika)
90 Degree Bridge Bhopal :मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता पीसी शर्मा ने राजधानी भोपाल के ऐशबाग में बने 90 डिग्री मोड़ वाले ब्रिज निर्माण से जुड़े अफसरों के खिलाफ हुई कार्रवाई के बाद सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सरकार के एक्शन पर सवाल उठाते हुए कहा कि, मगरमच्छों को छोड़ सिर्फ मछलियों पर कार्रवाई की गई है। बड़े स्तर पर मामले में भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने कहा कि, कुछ के खिलाफ कार्रवाई कर मामला दबाने की ये सरकारी साजिश है।
पीसी शर्मा ने कहा- सवाल ये है कि, ये ब्रिज बनकर कैसे तैयार हो गया? शुरुआत में अनदेखी करने वाले अधिकारी कौन थे? उन्होंने कहा- ईएनसी, एसडीओ स्तर के अधिकारियों को बचाया जा रहा है। सिविल वर्क मॉनिटरिंग के जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। पीसी शर्मा ने कहा कि, जो मंत्री वहां जाकर निरीक्षण करते थे, उनके खिलाफ भी तत्काल कार्रवाई की जाए। मंत्री को तत्काल बाहर कर देना चाहिए। धांधली में डूबी सरकार कार्रवाई के नाम पर दिखावा कर रही है।
बता दें कि, शहर के ऐशबाग रेल लाइन को क्रॉस करने के लिए बनाए गए ओवरब्रिज के टॉप कॉर्नर को 90 डिग्री का अजीबोगरीब मोड़ दे दिया गया। इसी मोड़ के चलते ये ब्रिज भोपाल ही नहीं, बल्कि देश-विदेश तक सुर्खियों में आ गया। 18 करोड़ की लागत से बने इस पुल को 'सरकार का बनाया नायब नमूना' कहा गया। इसका अंधा मोड़ भविष्य का बड़ा एक्सीडेंट जोन या ब्लैक स्पॉट साबित होने की प्रबल संभावना थी। फिलहाल, मामला गर्माने के बाद प्रदेश के पीडब्ल्यूडी विभाग से लेकर नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया ने इसकी जांच की और पुल के कर्व को हादसों का केंद्र माना, जिसके बाद अब इस टेक्निकल फॉल्ट को दूर किया जा रहा है।
गौरतलब है कि, भोपाल का ऐशबाग रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का निर्माण 21 मई 2022 को शुरू हुआ था। ये प्रोजेक्ट अपनी समय सीमा से पहले ही करीब 1 साल पीछे चल रहा है। 17 करोड़ 37 लाख की लागत वाले ब्रिज का निर्माण अगस्त 2024 में पूरा करना था। लेकिन जून 2025 में भी इसे बनाने की प्रक्रिया जारी है। 90 डिग्री वाले ब्रिज की लंबाई 648 मीटर है और चौड़ाई 8 मीटर है।
Published on:
29 Jun 2025 04:01 pm
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
