
शो-पीस बना नगर में लगा करोड़ों का पीसीबी का पॉल्यूशन डिस्प्ले बोर्ड
भोपाल. औद्योगिक क्षेत्र में होने वाले प्रदूषण की मॉनीटरिंग के लिए दो साल पहले प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 1 करोड़ की लागत से पॉल्यूशन डिस्प्ले बोर्ड लगाया था। उम्मीद थी कि कारखानों से हानिकारक वायु प्रदूषण छोडऩा आसान नहीं होगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। शहर की फिजा बीते दो सालों में और ज्यादा बिगड़ी है। पॉल्यूशन डिस्प्ले बोर्ड भी शोपीस बनकर रह गया है।
मालूम हो कि बीते दिनों शहर के ऊंपर धुआं बादल बनकर छा गया था, जिससे बीते 8 दिन में वायु गुणवत्ता सूचकांक एआईक्यू का लेवल 286 तक पहुंच गया। बोर्ड के अधिकारी प्रदूषण पर प्रभावी रोक लगाने के बजाए नाकामी छिपाने के लिए मौसम को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अब तक यह नहीं पता लगा सका है कि यह धुआं आया कहां से। एनजीटी के आदेश पर पीसीबी ने प्रदूषण की रोकथाम के लिए मंडीदीप में ऑटो कंटीन्युअस एंवीएंट (एयर मॉनीटरिंग सिस्टम) लगाया था। बोर्ड अधिकारियों का दावा था कि प्रदूषण फैलाने वाले कारखानों पर सीधी नजर रहेगी। इससे जानकारी मिलने के साथ ही बोर्ड प्रदूषण फैलाने वाले ऐसे कारखानों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई भी कर सकेगा।
इन 11 पैरामीटर में होती है जानकारी
नेशनल हाईवे किनारे शिव विलास होटल के सामने पॉल्यूशन डिस्प्ले बोर्ड लगाया गया है। बोर्ड में 11 पैरामीटर पर प्रदूषण की जानकारी मिलती है। इसमें सल्फरडाई आक्साइड, नाइट्रोजन, दस माइक्रॉन से कम आकार के पार्टिक्यूलर मैटर्स, आर्सेनिक, निकल, बेंजीन, अमोनिया, कार्बन मोनो ऑक्साइड, सीसा व ओजोन आदि की जानकारी मिलती है। पीसीबी अधिकारी क्षेत्र में निरीक्षण कर जानकारी जुटाते हैं। फिर भी प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।
प्रशासन बना उदासीन
नगरवासी आए दिन औद्योगिक कारखानों के जहरीले धुएं से परेशान रहते हैं, लेकिन बीते कुछ दिनों से जहरीले धुएं ने लोगों को अंदर तक झकझोर दिया। इसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में लापरवाह बने हुए हैं। प्रशासन द्वारा इस गंभीर मामले की जांच पीसीबी से कराने के बजाए केवल पुलिस से नोटिस दिलाने कि रस्म अदायगी की गई।
एयर मॉनीटरिंग सिस्टम लगाने के बाद से मंडीदीप में प्रदूषण का स्तर काफी सुधरा है। अभी जो प्रदूषण फैलने की बात की जा रही है, वह मौसम के कारण हो रहा है। प्रदूषण फैलाने वाली कंपनियों की जांच कर रहे हैं। फिलहाल नोटिस किसी को नहीं दिया गया है।
आरआर सेंगर, ईई पीसीबी भोपाल
प्रदूषण के मामले की रिपोर्ट मंगाई गई है। इसमें दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उमा शंकर भार्गव, कलेक्टर रायसेन
Published on:
28 Nov 2019 08:55 pm
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