
World Population Day : जनसंख्या बढ़ोतरी में आई तेज़ी के ये हैं मुख्य कारण, जानिए क्या है इसके बड़े नुकसान
भोपालः हर पल बढ़ती आबादी विश्वभर के लिए बड़ी चिंता का विषय बनती जा रही है। इसी को देखते हुए यूनाइटेड नेशन द्वारा 11 जुलाई 1987 से जनसंख्या को नियंत्रित करने के उद्देश्य से 'विश्व जनसंख्या दिवस' ( International Population Day ) मनाने का ऐलान किया। साथ ही, इस दिन के उपलक्ष्य में कहा गया कि, हर देश इस दिन को बढ़ती आबादी ( MP population ) के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए अपने अपने स्तर पर देश के लोगों को जागरूक करने का प्रयास करेगा। या यूं कहें कि, इस दिन बढ़ती जनसंख्या ( population drawbacks ) के पहलुओं पर प्रकाश डालने और लोगों को जागरूक करने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं।
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जनसंख्या बढ़ोतरी के कारण ( madhya pradesh population Ratio )
-भले ही अब हमारा समाज शिक्षा की ओर बढ़कर खुद की सोच को विकसित करने लगा है। लेकिन, आज भी हमारे देश में कई ऐसे पिछड़े इलाके और गांव हैं, जहां बाल विवाह की परंपरा प्रचलित है जिसके कारण कम उम्र से ही बच्चे पैदा होने शुरू हो जाते हैं।
-जनसंख्या में बढ़ोतरी होने का एक कारण शिक्षा का अभाव भी है।
-रूढ़िवादी सोच और पुरुष-प्रधान समाज ( Negative Effects of Population ) में लड़के की चाह में लोग कई बच्चे पैदा कर लेते हैं।
-कई लोगों की सोच होती है कि, अगर उनके पासपुश्तैनी धन और संपत्ति अधिक है, तो उसे आगे बढ़ाने और संभालने के लिए ज्यादा लड़के होना ज़रूरी है।
-शिक्षित और मध्यमवर्गीय परिवार की यह सोच कि 'अधिक बच्चे विशेष तौर पर लड़के यानी उनके बुढ़ापे का सहारा होते हैं। इसी चाह में उनके ज्यादा बच्चे होते हैं।
-परिवार नियोजन के महत्व को समझाए बगैर ही युवाओं की शादी कर देना भी एक मुख्य कारण है। इस तरह की बातों पर आज भी घर-परिवारों में चर्चा करना गलत समझा जाता है और बिना अपने युवा बच्चों को संबंधों और उनके परिणामों के बारे में बताए बगैर ही सीधे उनकी शादी कर दी जाती है। ऐसे में कई मामलों में तो लोग अज्ञानता के चलते ही ही बच्चे पैदा कर बैठते हैं।
-आज भी लड़कियों को गर्भ निरोधक के उपाय संबंधित जानकारी शादी के पहले नहीं दी जाती है और कई मामलों में शादी के बाद भी कैसे अनचाहे गर्भ से बचें, उन्हें इसकी जानकारी तक नहीं होती है।
जनसंख्या बढ़ने के नुकसान ( Advantages & Disadvantages of population growth )
-ज्यादा बच्चों का भरण-पोषण करना मुश्किल हो जाता है। इससे आपका जीवन तो कष्टमई हो ही जाता है। साथ ही, बच्चों का भी भविष्य खराब होगा।
-असमानता बढ़ेगी जिसके लिए बाद में आप सरकार को दोष देंगे। लेकिन इसकी असल शुरुआत तो आपके अपने घर से ही हुई है। घर में ज्यादा बच्चे यानी स्कूल में भी ज्यादा, कॉलेज में भी ज्यादा, नौकरी पाने की दौड़ में भी ज्यादा, फलस्वरूप प्रतिस्पर्धा ज्यादा और इस प्रकार पूरे समाज, दुनिया में असमानता व भेदभाव को बढ़ावा मिलेगा।
-यदि आबादी कम होगी तो विकास का लाभ सभी को बराबरी से मिल सकेगा। कहीं चोरी नहीं होगी और कोई बंदूक नहीं उठाएगा।
-जनसंख्या अधिक होने से समाज की तरक्की धीमी होती है।
आइए जानें कैसे बढ़ती है जनसंख्या : सुझाव
-घर-घर तक पहुंचकर लोगों को जनसंख्या रोकने के तरीके व विकल्प बताएं।
-युवाओं का 25-30 की उम्र से पहले विवाह न करें और 2 बच्चों के बीच कम से कम 5 साल का अंतर रखने की वजह समझाएं।
-जनसंख्या वृद्धि की रोकथाम के लिए इसे सामाजिक और धार्मिक स्तर पर जोड़ें।
-अधिक बच्चे पैदा करने वालों का सामाजिक स्तर पर बहिष्कार करें, क्योंकि दूसरे भी यदि ज्यादा बच्चे पैदा करते हैं, तो इसका असर आपके बच्चों के भविष्य पर भी पड़ेगा। आपके बच्चों के लिए प्रतिस्पर्धा ज्यादा होगी और देश में बेरोजगार होने की आशंका बढ़ेगी।
Published on:
11 Jul 2019 05:00 pm
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